Protect Medicines From Moisture In Rainy Season: भारत में मानसून अपने साथ सिर्फ बारिश ही नहीं, बल्कि कई तरह की चुनौतियां भी लेकर आता है. एक तरफ यह भीषण गर्मी से राहत देता है, वहीं दूसरी ओर बढ़ी हुई नमी और तापमान में उतार-चढ़ाव रोजमर्रा की कई चीजों को प्रभावित करते हैं. इन्हीं में से एक है घर में रखी दवाइयों की क्वालिटी. एक्सपर्ट का कहना है कि अगर दवाओं को सही तरीके से स्टोर नहीं किया जाए, तो उनकी असर करने की क्षमता एक्सपायरी डेट से पहले ही कम हो सकती है. इसलिए बारिश के मौसम में दवाओं को रखने का सही तरीका जानना बेहद जरूरी है.
कंसल्टेंट डॉ. अरविंद एस. एन. के अनुसार, अधिक नमी और गर्मी दवाओं के केमिकल गुणों को प्रभावित कर सकती है. खासतौर पर ऐसी गोलियां और कैप्सूल जो आसानी से नमी सोख लेते हैं, वे जल्दी खराब हो सकते हैं. ऐसे में वे नरम पड़ सकते हैं, चिपचिपे हो सकते हैं, फूल सकते हैं या फिर टूटने लगते हैं. वहीं, इफरवेसेंट टैबलेट और ड्राई पाउडर वाली दवाएं भी नमी के प्रति काफी सेंसिटिव होती हैं.

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गर्मी और नमी क्यों कम कर देती हैं दवाओं का असर?
डॉ. अरविंद बताते हैं कि कुछ दवाएं, जैसे इंसुलिन, वैक्सीन, बायोलॉजिकल मेडिसिन और कुछ लिक्विड दवाएं, तापमान के प्रति बेहद संवेदनशील होती हैं. इन्हें हमेशा निर्माता द्वारा बताए गए निर्देशों के अनुसार ही स्टोर करना चाहिए. इसी तरह क्रीम और सपोजिटरी भी ज्यादा गर्मी में पिघल सकती हैं या उनकी बनावट बदल सकती है.
कौन सी गलतियां नहीं करनी चाहिए?
विशेषज्ञों के मुताबिक, सबसे आम गलती बाथरूम में दवाएं रखना है. नहाने के दौरान बनने वाली भाप और लगातार रहने वाली नमी दवाओं को नुकसान पहुंचा सकती है. इसके अलावा रसोई में गैस स्टोव, सिंक या खिड़की के पास दवाएं रखना भी सही नहीं है, क्योंकि इन जगहों पर तापमान और नमी लगातार बदलती रहती है. डॉ. अरविंद यह भी सलाह देते हैं कि दवाओं को उनकी मूल ब्लिस्टर पैकिंग से निकालकर खुले डिब्बों या बिना ढक्कन वाले कंटेनर में न रखें. ऐसा करने से दवाएं नमी के सीधे संपर्क में आ जाती हैं. वहीं, गीले हाथों से दवाएं छूना या बोतल का ढक्कन ठीक से बंद न करना भी नुकसानदायक साबित हो सकता है.

इंसुलिन को लेकर क्या है नियम?
डॉ. प्रणव घोडी बताते हैं कि इंसुलिन को हमेशा उसी तरह स्टोर करना चाहिए, जैसा निर्माता ने निर्देश दिया है. एक बार खुलने के बाद अधिकांश इंसुलिन पेन या वायल सामान्य कमरे के तापमान पर रखे जा सकते हैं, लेकिन उन्हें सीधी धूप, अत्यधिक गर्मी और नमी से बचाना जरूरी है. उन्होंने कहा कि इंसुलिन का रंग, बनावट या पारदर्शिता बदल जाए तो उसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. यदि दवा अत्यधिक गर्मी या बहुत ठंड के संपर्क में आ गई हो, तो भी उसे इस्तेमाल करने से बचना चाहिए.
दवा को फ्रिज में रखना सही है?
डॉ. अरविंद के अनुसार, केवल वही दवाएं फ्रिज में रखनी चाहिए जिनके लेबल पर ऐसा करने की सलाह दी गई हो या डॉक्टर ने स्पेशल रूप से कहा हो. जिन दवाओं को सामान्य कमरे के तापमान पर रखने की सलाह होती है, उन्हें बिना जरूरत फ्रिज में रखने से भी नुकसान हो सकता है. इससे दवा में कंडेनसेशन या जमने जैसी समस्या हो सकती है, जिससे उसकी गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है. उन्होंने बताया कि जिन दवाओं को कोल्ड स्टोरेज की जरूरत होती है, उन्हें आमतौर पर 2 से 8 डिग्री सेल्सियस के बीच रखा जाता है। हालांकि यह पूरी तरह दवा के प्रकार पर निर्भर करता है.
अगर दवा भीग जाए तो क्या करें?
बारिश, बाढ़ या किसी भी कारण से अगर दवा पानी में भीग जाए, तो उसे तुरंत फेंक देना चाहिए. खासकर यदि वह गंदे या दूषित पानी के संपर्क में आई हो. यह सलाह सिर्फ टैबलेट और कैप्सूल ही नहीं, बल्कि सिरप, इंजेक्शन, इनहेलर और त्वचा पर लगाने वाली दवाओं पर भी लागू होती है. भीगी हुई गोलियों या कैप्सूल को सुखाकर दोबारा इस्तेमाल करने की गलती बिल्कुल नहीं करनी चाहिए.
बिना एसी वाले घरों में दवाएं कहां रखें?
अगर घर में एयर कंडीशनर नहीं है, तो दवाओं को घर के सबसे ठंडे और सूखे हिस्से में किसी बंद अलमारी या स्टोरेज बॉक्स में रखें. इन्हें बाथरूम, रसोई, खिड़की और सीधी धूप से दूर रखना चाहिए. इसके साथ ही दवाओं को हमेशा उनकी मूल पैकिंग में ही रखें और कंटेनर का ढक्कन अच्छी तरह बंद रखें.
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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.