ODI वर्ल्ड कप अगले साल है, जिसके लिए सभी देश अपने अपने स्तर पर तैयारियां शुरू कर चुके हैं. ये वो समय है, जब सभी देश अपनी फाइनल टीम पक्की कर रहे होंगे. कई बार होता है कि अच्छे खिलाड़ी को भी ड्राप होना पड़ता है, दरअसल ये टीम कॉम्बिनेशन पर तय करता है. जैसे 4 शानदार बल्लेबाज हों, लेकिन टीम में सिर्फ 1 या 2 को लाया सकता है तो फिर किसी को अच्छा करने के बावजूद निराशा हाथ लगेगी. दरअसल वर्ल्ड कप के लिए कोई भी बोर्ड अधिकतम 15 खिलाड़ियों को ही चुन सकता है. ऑस्ट्रेलिया की वर्ल्ड कप 2023 विनिंग टीम के हेड कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने मांग की है कि 17 खिलाड़ियों को चुनने की परमिशन दी जाए.
2023 में फाइनल तक पहुंची भारत और ऑस्ट्रेलिया को 11 मैच खेलने पड़े थे, लेकिन 2027 में फाइनल समेत 15 मैच तक खेलने पड़ सकते हैं. इनमें से कम से कम 13 मैच तो फाइनल तक हर टीम को ही खेलने पड़ेंगे. इस बार 4 टीमें बढ़ गई हैं. भारत में हुए पिछले संस्करण में 10 टीमें खेली थीं, इस बार टोटल टीमों की संख्या 14 कर दी गई है। कुल 57 मैच होंगे. इस बार ग्रुप स्टेज के बाद सुपर-7 राउंड भी होगा, फिर सेमीफाइनल होंगे जबकि पहले ग्रुप स्टेज के बाद सीधा सेमीफाइनल होता था.
SEN Radio से बात करते हुए ऑस्ट्रेलिया के एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने कहा, “अगर ये सबसे बड़ा इवेंट होने वाला है तो टीम का साइज कैसा होगा? पिछले वर्ल्ड कप में 15 प्लेयर्स को चुनने में हमारे सामने कई दुविधा थी, न्यूजीलैंड भी उसी स्थिति में था और उनके भी कई प्लेयर्स चोटिल थे. टूर्नामेंट के शुरुआत में सिर्फ 12-13 प्लेयर्स में खिला सकते हैं, ताकि दूसरे प्लेयर्स को आगे खिला सके. आप उस टीम को नहीं खिला पाते, जैसा आप चाहते हो. कई जगहों पर हालात काफी बदल जाते हैं.”

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बता दें कि 2023 वनडे वर्ल्ड कप में ट्रैविस हेड चोटिल थे, जिस कारण वह शुरुआत में नहीं खेले थे. बाद में वह खेले और फाइनल में एक महत्वपूर्ण पारी खेलकर ऑस्ट्रेलिया को चैंपियन बनाया. ऐसी परेशानियों से बचने के लिए उन्होंने मांग की है कि स्क्वॉड में खिलाड़ियों की संख्या बढ़ाने की परमिशन मिलनी चाहिए.
मैकडोनाल्ड ने फीफा वर्ल्ड कप का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां स्क्वॉड का साइज 26 तक होता है, जबकि वहां एक टीम के अधिकतम 8 मैच होते हैं. उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि जब आप लगातार मैच खेलते हो तो नहीं चाहते कि ये नुकसानदायक हो। आप फेवरेट खिलाड़ियों के साथ खेलना चाहते हो. स्क्वॉड में प्लेयर्स की संख्या बढ़ाने पर बात होनी चाहिए.”
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कोच का मन्ना है कि अगर स्क्वॉड में ज्यादा प्लेयर्स हों तो आप उन खिलाड़ियों के साथ भी जा सकते हो जो स्टार हैं, लेकिन चोट के कारण उनके खेलने की उम्मीद 50-50 हो. मुश्किल है कि ICC टीमों में प्लेयर्स की संख्या बढ़ाने का फैसला करेगा. लेकिन हां, ये ध्यान रखा जाएगा कि प्रत्येक टीम को अपने दो मैचों के बीच कम से कम 2 दिन का ब्रेक मिले.