Ethanol: E20 से डरे लोग, दोगुनी हुई प्रीमियम पेट्रोल की सेल, रिपोर्ट में खुलासा

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Ethanol: दिल्ली-NCR जैसे भारत के कई बड़े शहरों में हाल के महीनों में 100-ऑक्टेन प्रीमियम पेट्रोल की बिक्री दोगुनी से ज्यादा हो चुकी है. इथेनॉल-ब्लेंडेड फ्यूल से गाड़ियों को संभावित नुकसान की बढ़ती चिंताओं के बीच इसकी डिमांड बढ़ी है. खासतौर पर जुलाई के महीने में इसमें तेजी देखी गई है.

प्रीमियम पेट्रोल के प्रमुख ब्रांड्स

सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) अलग-अलग ब्रांड के तहत 100-ऑक्टेन पेट्रोल बेचती हैं, जिनमें इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) का XP100, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPCL) का Speed100 और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (HPCL) का poWer100 शामिल हैं.

इसे खासतौर पर सुपरकार, लग्जरी सेडान और सुपरबाइक जैसी हाई-परफॉर्मेंस गाड़ियों के लिए बनाया गया है. मार्केट में अब तक इसकी डिमांड काफी कम रही है, जो भारत में पेट्रोल की कुल बिक्री का सिर्फ 0.1% है क्योंकि कीमत इसकी सामान्य पेट्रोल के मुकाबले काफी ज्यादा है. 

कितना महंगा है प्रीमियम पेट्रोल?

प्रीमियम पेट्रोल, सामान्य पेट्रोल के मुकाबले लगभग 57% तक महंगा होता है. दिल्ली में जहां सामान्य पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर है. वहीं, 100- ऑक्टेन प्रीमियम पेट्रोल की कीमत 160 रुपये प्रति लीटर सेज्यादा बैठती है. चूंकि अब देश भर के पेट्रोल पंपों पर मिलने वाला रेगुलर पेट्रोल 20% इथेनॉल ब्लेंडिंग के साथ आने लगा है इसलिए अब लोगों के पास प्रीमियम पेट्रोल खरीदने के अलावा कोई और ऑप्शन नहीं बचता. एकमात्र यही एक ऐसा ईंधन है, जो 100%  शुद्ध और इथेनॉल मुक्त है. 

इथेनॉल से इंजन डैमेज होने का डर

20% इथेनॉल मिले पेट्रोल को साल 2023 में लॉन्च किया गया था. ऐसे में 2023 से पहले खरीदी गई गाड़ियों के मालिकों को इस बात की चिंता है कि इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल के इस्तेमाल से फ्यूल पंप, रबर पाइप में खराबी आ सकती है और इंजन में भी जंग लग सकती है. इसी डर से लोग प्रीमियम पेट्रोल को प्राथमिकता दे रहे हैं. 

हालांकि, सरकार ने इन दावों को खारिज किया कि ई20 या 20% इथेनॉल मिले पेट्रोल से गाड़ियों के इंजन खराब हो सकते हैं. सरकार का कहना है कि ई20 ईंधन योजना के तहत एक लीटर फ्यूल में 800 मिलीलीटर पेट्रोल और 200 मिलीलीटर एथेनॉल मिलाया जाता है. इससे देश की कच्चे तेल पर निर्भरता कम होने के साथ-साथ कार्बन उत्सर्जन भी घटेगा और गन्ना किसानों की आय भी बढ़ेगी.

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