ओला, उबर और रैपिडो जैसी कैब बुकिंग कंपनियों को सरकार ने बड़ा झटका दिया है. सरकार ने केंद्रीय उपभोक्ता मामले मंत्रालय और केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने सभी कैब एग्रीगेटर्स को राइड बुकिंग से पहले ही ली जाने वाली ‘एडवांस टिप’ की को तुरंत बंद करने का कड़ा निर्देश दिया है.
सीसीपीए के चीफ और उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने बताया है कि सरकार ने अपने फैसले में स्पष्ट किया है कि राइड कन्फर्म होने से पहले ग्राहकों से एक्स्ट्रा टिप मांगना एक अनफेयर ट्रेड प्रेक्टिस है, जो डार्क पैटर्न के अंतर्गत आती है.
यात्रियों में ज्यादा पैसा देने का दबाव बनाती हैं कंपनियां
दरअसल डार्क पैटर्न के जरिए कैब कंपनियां यात्रियों पर जल्दी कैब पाने के लिए ज्यादा पैसे पे करने का अनुचित दबाव बनाती हैं. सरकार के नए आदेश के अनुसार, टिप देना पूरी तरह से यात्रियों पर निर्भर करता है और यात्री अपनी यात्रा के बाद ही राइड के एक्सपीरियंस को देखकर टिप दे सकता है. इसे सर्विस के आधार पर ही पेश किया जाना चाहिए.
यह भी पढ़ें- 113 चालान और 10.68 लाख का जुर्माना, गुरुग्राम में बिना हेलमेट पकड़ा गया शख्स
बता दें कि दो दिन पहले ही सीसीपीए ने एडवांस टिपपिंग को लेकर रैपिडो पर 10 लाख रुपए का जुर्माना ठोका था. रैपिडो के अलावा सीसीपीए ने उबर और ओला की भी जांच करने की बात कही है. निधि खरे ने बताया है कि राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन को ओला, उबर और रैपिडो के खिलाफ कई शिकायतें मिली हैं. शिकायतों में कहा गया है कि राइड शुरू होने से पहले ये कैब कंपनियां एडवांस टिप मांगती हैं. इतना ही नहीं ग्राहकों पर यह भी दबाव बनाया जाता है कि जबतक वह टिप नहीं देंगे, तबतक उनकी राइड बुक नहीं होगी.
जांच में डार्क पैटर्न इस्तेमाल करने का खुलासा- सचिव
सचिव निधि खरे मीडिया को जानकारी देते हुए कहा है कि जांच में हमने भी यह पाया कि ये कंपनियां डार्क पैटर्न का इस्तेमाल कर रही हैं. इस मामले की पूरी जांच और सुनवाई के बाद ही हमने एडवांस टिप पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है. इससे पहले सीसीपीए ने उबर, ओला, रैपिडो और नम्मा यात्री सहित कई प्लेटफार्म्स को नोटिस जारी कर उन्हें डार्क पैटर्न पर रोक और 2023 में रेगुलेशन के लिए जारी हुए दिशानिर्देशों का पालन करने का निर्देश दिया था.
यह भी पढ़ें- एक बेटी के जन्म पर 1 लाख, दो पर 2 लाख? सरकार ने बताई योजना की सच्चाई
यह भी देखें-