जो लोग सिनमाघरों में फिल्में देखना पसंद करते हैं, उन्हें PVR- INOX की कैशलेस पेमेंट के बारे में तो पता ही होगा. इस पॉलिसी के चलते ही हाल ही में एक एडवोकेट ने इस मल्टीप्लेक्स चेन के नाम नोटिस भेजा है. क्योंकि उनकी इस पॉलिसी की वजह से कई लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल ये मामला अहमदाबाद का है, जहां के रहने वाले एडवोकेट उत्कर्ष दुबे 13 सितंबर को पैलेडियम मॉल में फिल्म देखने गए थे. जब उन्होंने टिकट खरीदने पर पेमेंट कैश में करना चाही तो तो स्टाफ ने उनकी पेमेंट एक्सेप्ट हीं की और उनसे यूपीआई पेमेंट करने के लिए कहा. इतना ही नहीं जब इंटरवल में वो कुछ स्नैक्स लेने के लिए गए तो वहां उन्हें इसी परेशानी का सामना करना पड़ा.
नोटिस में ये साफ कहा गया है कि शिकायतकर्ता यानी दवे को डिजिटल पेमेंट से कोई आपत्ति नहीं है बल्कि इस बात से है कि कार्ड और यूपीआई के अलावा कैश पेमेंट को यहां पूरी तरह से नकार दिया गया है. इस रूल की वजह से कंज्यूमर अपनी मनमर्जी पेमेंट मोट का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं, यही सबे बड़ी परेशानी है.
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जो UPI नहीं चलाते उनका क्या?
इस नोटिस के जरिए दवे ने ये भी पूछा है कि जो लोग UPI नहीं चलाते हैं, उनका क्या होगा? क्योंकि कई बार नेटवर्क का इश्यू भी होता है, या फिर किसी के खाते में पर्टिक्युलर अमाउंट ना हो तो वो व्यक्ति कैसे पेमेंट करेगा, ये बड़ा सवाल है. दवे ने पूछा है कि किसी व्यक्ति के पास UPI की सुविधा नहीं होगी तो क्या उसे टिकट नहीं दिया जाएगा? या फिर उसके लिए कोई व्यवस्था की गई है?
इसके अलावा अपने नोटिस में उन्होंने किसी तरह के रिटन इंस्ट्रक्शंस की कॉपी मांगी है, जो कर्मचारियों को दिया गया हो. जिसके कारण वो पेमेंट लेने से पूरी तरह से ही मना कर रहे हैं.
वहीं अपने इस नोटिस में दवे ने RBI के सेक्शन 26(1) के तहत रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया एक्ट 1934 का हवाला देते हुए ये भी कहा है कि RBI ने नोट को लीगल टेंडर बताया है. वहीं उन्होंने इस पॉलिसी में ट्रांसपैरेंसी की बात भी की है.
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सात दिन में देना होगा जवाब
दवे ने PVR-INOX को कानूनी नोटिस का जवाब देने के लिए सात दिन का समय दिया है. उन्होंने कहा है कि अगर कंपनी सैटिस्फैक्टरी जवाब नहीं देती है, तो वो कंज्यूमर कमीशन और अन्य संबंधित अधिकारियों के पास भी जा सकते हैं.