Relationship Cheating: एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर अचानक हुई गलती नहीं, जानें क्या कहती है रिसर्च

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Why People Cheat In Relationships Psychology: किसी भी रिश्ते में भरोसा उसकी सबसे मजबूत नींव माना जाता है. लेकिन जब पार्टनर किसी दूसरे व्यक्ति के साथ भावनात्मक या शारीरिक रूप से जुड़ने लगता है तो यही भरोसा टूटने लगता है. अक्सर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर या पार्टनर को चीट करने के बाद लोग इसे एक ‘गलती’ बताकर आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं. कोई इसे कमजोर पल का नतीजा बताता है तो कोई कहता है कि परिस्थितियां ऐसी थीं कि सब कुछ अचानक हो गया. लेकिन क्या किसी रिश्ते में बेवफाई वास्तव में अचानक हुई गलती होती है या इसके पीछे व्यक्ति के फैसले और व्यवहार की भूमिका होती है?

रिलेशनशिप साइकोलॉजी में इस सवाल को लेकर लंबे समय से चर्चा होती रही है. कई रिसर्च बताती हैं कि चीटिंग के पीछे केवल रिश्ते में नाखुशी ही जिम्मेदार नहीं होती. कई बार अच्छे और संतोषजनक रिश्ते में रहने वाले लोग भी अपने पार्टनर को धोखा दे सकते हैं. इसके पीछे मौका मिलने से लेकर इंपल्सिव बिहेवियर, भावनात्मक जरूरतें और दूसरे कई कारण हो सकते हैं.

Relationship Cheating: एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर अचानक हुई गलती नहीं, जानें क्या कहती है रिसर्च

क्या होता है रिश्ते में धोखा?

बेवफाई का मतलब केवल किसी दूसरे व्यक्ति के साथ शारीरिक संबंध बनाना नहीं है. रिश्ते में रहते हुए पार्टनर से छिपाकर किसी दूसरे व्यक्ति के साथ भावनात्मक, रोमांटिक या सेक्सुअल रिश्ता बनाना भी इसके दायरे में आ सकता है. इसे आमतौर पर सेक्सुअल, इमोशनल, दोनों के कॉम्बिनेशन और इंटरनेट इन्फिडेलिटी जैसी अलग-अलग कैटेगरी में समझा जाता है. आज सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के कारण इंटरनेट इन्फिडेलिटी की चर्चा भी बढ़ी है. इसमें व्यक्ति अपने पार्टनर से छिपाकर किसी दूसरे के साथ ऑनलाइन ऐसा भावनात्मक या रोमांटिक रिश्ता बना सकता है, जो उसके मौजूदा रिश्ते में तय सीमाओं को तोड़ता हो.

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क्या अचानक हो जाती है चीटिंग?

पार्टनर को धोखा देने के बाद अक्सर सुनने को मिलता है कि ‘बस हो गया’ या ‘उस समय समझ नहीं आया’. इंपल्सिव बिहेवियर यानी बिना परिणाम के बारे में ज्यादा सोचे तुरंत फैसला लेना किसी व्यक्ति में चीटिंग की संभावना को प्रभावित कर सकता है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि इंपल्सिव व्यक्ति अपने फैसलों के लिए जिम्मेदार नहीं है.

2016 की एक स्टडी में सेक्सुअल इंपल्सिविटी को इन्फिडेलिटी और जोखिम वाले सेक्सुअल बिहेवियर जैसी चीजों से जोड़ा गया था. इसके बावजूद किसी व्यक्ति का व्यवहार केवल इंपल्सिविटी से तय नहीं होता. उसकी पर्सनैलिटी, खुद पर नियंत्रण, निजी मूल्य और रिश्ते को लेकर उसकी सोच भी फैसले को प्रभावित कर सकती है.

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चीटिंग के बाद क्या सभी को होता है पछतावा?

आमतौर पर माना जाता है कि अफेयर के बाद व्यक्ति को बहुत ज्यादा पछतावा होता होगा, लेकिन रिसर्च इससे कहीं ज्यादा जटिल तस्वीर दिखाती है. 2023 में Aआर्काइव्स ऑफ सेक्सुअल बिहेवियर में प्रकाशित एक रिसर्च में एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर करने वाले शादीशुदा लोगों के अनुभवों का अध्ययन किया गया. रिसर्च में पाया गया कि कई प्रतिभागियों ने अपने अफेयर से सेक्सुअल और इमोशनल संतुष्टि मिलने की बात कही और उनमें पछतावे का स्तर अपेक्षाकृत कम था. रिसर्च से यह भी सामने आया कि कुछ लोग यह नहीं मानते थे कि अफेयर के कारण उनकी शादी को नुकसान पहुंचा है.

लोग अपने पार्टनर को चीट क्यों करते हैं?

इस सवाल का कोई एक जवाब नहीं है. साइकोलॉजिस्ट्स के अनुसार, चीटिंग के पीछे अलग-अलग लोगों की अलग वजहें हो सकती हैं. यह जरूरी नहीं है कि जो व्यक्ति चीट कर रहा है, वह अपने मौजूदा रिश्ते से पूरी तरह नाखुश ही हो. कुछ मामलों में किसी दूसरे व्यक्ति के साथ नजदीकी बढ़ने का मौका मिलना बड़ी भूमिका निभा सकता है. 2023 की एक स्टडी से जुड़े शोधकर्ताओं के अनुसार, कई बार लोग पहले से चीटिंग की योजना नहीं बनाते, लेकिन मौका मिलने पर थकान, शराब के प्रभाव, ध्यान भटकने या कमजोर सेल्फ-कंट्रोल जैसी परिस्थितियों में प्रलोभन को रोक नहीं पाते.

रिसर्च में पुरुषों और महिलाओं की वजहों में कुछ अंतर की ओर भी इशारा किया गया है. कुछ पुरुष सेक्सुअल जरूरतें पूरी न होने को वजह मान सकते हैं, जबकि कुछ महिलाओं में भावनात्मक जरूरतें पूरी न होना एक कारण हो सकता है. हालांकि, इसे हर व्यक्ति पर लागू नहीं किया जा सकता.

पावर और चीटिंग के बीच भी है कनेक्शन?

2024 में आर्काइव्स ऑफ सेक्सुअल बिहेवियर में प्रकाशित एक स्टडी में रिश्तों के भीतर पावर और बेवफाई के बीच संबंध को भी देखा गया. शोधकर्ताओं के अनुसार, रिश्ते में खुद को ज्यादा शक्तिशाली महसूस करने वाले कुछ लोगों को लग सकता है कि उनके पास मौजूदा पार्टनर के अलावा दूसरे विकल्प भी उपलब्ध हैं. ऐसा व्यक्ति खुद को दूसरे लोगों के लिए ज्यादा आकर्षक पार्टनर मान सकता है. दूसरे विकल्प मौजूद होने का यह विश्वास कुछ मामलों में मौजूदा रिश्ते के प्रति कमिटमेंट को कमजोर कर सकता है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर सफल या प्रभावशाली व्यक्ति अपने पार्टनर को धोखा देगा.

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