दुनिया के सबसे महंगे शहर में रहकर भी बंपर बचत, कैसे मालामाल बन गया भारतीय कपल

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हांग कांग को दुनिया के सबसे महंगे शहरों में गिना जाता है. यहां किराया, बाहर खाना और रोजमर्रा की कई सेवाएं भारत के मुकाबले काफी महंगी हैं. इसके बावजूद भी भारतीय कपल आरुषि शर्मा और उनके पति साई सी. अरावेटी का कहना है कि हांग कांग में रहने के बाद उनकी बचत दर में खास गिरावट नहीं आई है.

आरुषि शर्मा 26 साल की हैं और फरवरी में हांग कांग पहुंची थीं, जहां उनके पति पहले से रह रहे थे. दोनों का बैकग्राउंड वेंचर कैपिटल से जुड़ा रहा है. आरुषि ने अब अपना ज्वेलरी बिजनेस भी शुरू किया है.

महंगा किराया, लेकिन कमाई भी ज्यादा

हांग कांग में करीब 300 वर्ग फीट के छोटे अपार्टमेंट का किराया भी भारतीय रुपये में लगभग 1.8 लाख से 3 लाख रुपये महीना हो सकता है. वहीं जिम और योग जैसी सुविधाओं पर एक विजिट के लिए करीब 1,400 रुपये या उससे ज्यादा खर्च हो सकता है.

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घर के किराए पर खर्च होता है कमाई का 20%

यह कपल करीब 550 वर्ग फीट के अपार्टमेंट में रहता है. उनके मुताबिक, घर का किराया उनकी कुल घरेलू आय का लगभग 20 प्रतिशत है. भारत में इसी बजट में काफी बड़ा घर मिल सकता है, लेकिन हांग कांग के हिसाब से यह खर्च उनके लिए संतुलित है.

रोजाना आने-जाने के लिए दोनों  वही के सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करते हैं. एक यात्रा पर करीब 80 से 250 रुपये तक का खर्च होता है. इसके अलावा अन्य यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन खर्च पर सरकारी सब्सिडी भी मिलती है. 

टैक्स ने बदला पूरा गणित

हांग कांग की कम टैक्स दर इस कपल के लिए बड़ा फायदा साबित होती है. यहां व्यक्तिगत आय पर प्रोग्रेसिव टैक्स सिस्टम में दरें 2 से 17 प्रतिशत तक जाती हैं,जबकि स्टैंडर्ड रेट सिस्टम के तहत 15 प्रतिशत की दर लागू होती है. टैक्स विभाग दोनों तरीकों से गणना कर कम देय राशि वाला विकल्प लागू करता है.

मसलन,50 लाख रुपये सालाना आय की एक अनुमानित स्थिति में कपल का हांग कांग में टैक्स करीब 3.57 लाख रुपये बताया गया है, जबकि इसी आय पर भारत में लगभग 11 लाख रुपये टैक्स बनना आम बात है. इस अंतर से करीब 7.5 लाख रुपये सालाना की बचत का अनुमान लगाया जा चुका है.

निवेश पर भी है फोकस

कपल भारतीय बाजार में म्यूचुअल फंड और ETF के जरिए अपना निवेश जारी रखता है. उनके पोर्टफोलियो का करीब 40-50 प्रतिशत हिस्सा अमेरिकी और चीन के बाजारों से जुड़े ETF में है. दोनों 45 साल की उम्र तक वित्तीय स्वतंत्रता हासिल करने का लक्ष्य रखते हैं.

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