पिछले साल (2025) अप्रैल में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद से भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों ने मैच पाकिस्तानी प्लेयर्स से हाथ मिलाना बंद कर दिया. 2025 एशिया कप के दौरान पहली बार यह नजारा देखने को मिला था कि जब टीम इंडिया के कप्तान ने टॉस के वक्त और मैच खत्म होने के बाद सभी खिलाड़ियों ने पाक प्लेयर्स से हाथ नहीं मिलाया था. तब से यह सिलसिला जारी है. इस पर लोगों ने तरह-तरह की राय पेश की. राजनीतिक गलियारों में भी इसकी चर्चा हुई. अब टीम इंडिया के पूर्व वर्ल्ड कप विजेता कप्तान देव ने इस पर बड़ा बयान दिया.
दिग्गज कपिल देव ने कहा कि इस मामले में सरकार के फैसले को तरजीह देनी चाहिए. खिलाड़ियों को सरकार के हिसाब से चलना चाहिए.
अगर सरकार ने लिया फैसला, तो नहीं मिलाना चाहिए हाथ
इंडिया टुडे से बात करते हुए कपिल देव ने कहा, “अगर सरकार ने फैसला लिया है कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों के साथ हाथ नहीं मिलाना है, तो फिर खिलाड़ियों के पास दूसरा विकल्प नहीं है. इस मामलों में खिलाड़ी वही करेंगे जो सरकार ने कहा है.”
भारतीय खिलाड़ियों ने ट्रॉफी भी नहीं ली
बात सिर्फ पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाने तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि मामला इससे भी आगे बढ़ चुका है. हाल ही में समाप्त हुए 2026 महिला एशिया कप में टीम इंडिया ने फाइनल में श्रीलंका को हराकर खिताब जीता. ट्रॉफी देने के लिए एशियाई क्रिकेट काउंसिल के चेयरमैन मोहसिन नकवी पहुंचे थे. वह पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चीफ और पाकिस्तान सरकार में मंत्री भी हैं. हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने नकवी से ट्रॉफी नहीं ली. टीम इंडिया बगैर ट्रॉफी के ही वापस लौट आई.
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ट्रॉफी नहीं लेने वाले इस चलन की शुरुआत 2025 में पुरुष भारतीय टीम ने की थी. पिछले साल के मेंस एशिया कप में टीम इंडिया ने फाइनल में पाकिस्तान को हराकर खिताब अपने नाम किया था. यहां भी मोहसिन नकवी ट्रॉफी देने के लिए पहुंचे थे. पुरुष भारतीय टीम ने भी उनके हाथ से ट्रॉफी नहीं ली थी, और बगैर ट्रॉफी के वापस लौट आई थी.
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