Bank of America: हर कंपनी अपने साथ काम करने वाले कर्मचारियों की स्वास्थ्य सुविधा के लिए उनका बीमा करती है. केवल कर्मचारी ही नहीं बल्कि बीमा पूरे परिवार का दिया जाता है. लेकिन क्या आपने कभी कहीं सुना है कि कोई कंपनी अपने कर्मचारियों के स्वास्थ्य पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही हो? अगर नहीं सुना तो आइये बताते हैं.
कहां हो रहे कर्मचारियों पर करोड़ों खर्च?
दरअसल CNBC के मुताबिक अमेरिका का सबसे बड़ा बैंक ‘बैंक ऑफ अमेरिका’ अपने कर्मचारियों के लिए मोटापा कम करने वाली GLP-1 दवाओं (जैसे ओजेम्पिक और Wegovy) पर हर साल 250 मिलियन डॉलर (करीब 2357 करोड़ रुपये) से ज्यादा खर्च कर रहा है. बैंक के CEO ब्रायन मोयनिहैन ने खुद ये बात CNBC से कही है. उन्होंने बताया कि चार-पांच साल पहले इस पर कंपनी का कोई खर्च नहीं था, लेकिन अब ये कर्मचारियों के स्वास्थ्य पर होने वाले कुल खर्च का लगभग 13% हिस्सा बन गया है.
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कर्मचारियों की सेहत में सुधार चाहता है बैंक
बैंक ऑफ अमेरिका अपने करीब 2.11 लाख कर्मचारियों की हेल्थ पर हर साल 2 अरब डॉलर से ज्यादा खर्च करता है. कंपनी का कहना है कि इन दवाओं से कर्मचारियों की सेहत में अच्छा सुधार देखने को मिला है. बैंक सिर्फ दवाएं ही नहीं देता, बल्कि कर्मचारियों को हेल्थ कोचिंग भी करवाता है, जिससे वो अपना वजन कम करने के साथ-साथ अपनी लाइफस्टाइल में भी सुधार कर सकें.
बढ़ रहा है खर्च
CEO के मुताबिक, नई रिसर्च में ये भी सामने आया है कि इन दवाओं से दिल की बीमारियों का खतरा भी कम हो सकता है. हालांकि, इन दवाओं की कीमत काफी ज्यादा है और कई कंपनियां इनके बढ़ते खर्च की वजह से इन्हें अपने हेल्थ प्लान से हटा रही हैं या सीमित कर रही हैं. इसके बावजूद बैंक ऑफ अमेरिका का मानना है कि लंबे समय में कर्मचारियों की बेहतर सेहत से कंपनी को फायदा होगा.
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कम कीमत में दवा खरीदने के लिए चल रही बातचीत
इतना ही नहीं CEO ने ये भी कहा कि बैंक दवा कंपनियों और फार्मेसी बेनिफिट मैनेजरों से कम कीमत पर दवाएं खरीदने के लिए लगातार बातचीत कर रहा है. हाल ही में सामने आई एक सर्वे रिपोर्ट के मुतबाकि, साल 2026 में 36 प्रतिशत कंपनियां अपने कर्मचारियों को डायबिटीज और वजन घटाने, दोनों के लिए GLP-1 दवाओं का खर्च उठा रही हैं. हालांकि, इन दवाओं की बढ़ती लागत अभी भी कंपनियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है.