कहां जमा है मोदी के मंत्रियों की दौलत? आधी कैबिनेट को स्टॉक मार्केट नहीं है पसंद 

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अपने आपने वाले कल को सिक्योर करने के लिए लोग निवेश करते हैं. किसी को स्टॉक मार्केट में पैसा लगाना पसंद है, तो कोई रियल एस्टेट में दांव लगाता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बड़े-बड़े नेता-मंत्री अपना पैसा कहां लगाते हैं? आइए जानते हैं.

मोदी कैबिनेट के मंत्रियों ने कारोबारी साल 2025-26 के लिए अपनी संपत्ति का ऐलान किया. इनकी घोषित संपत्तियों के विश्लेषण से पता लगता है कि कैबिनेट में आधे से ज्यादा मंत्रियों को शेयर बाजार या स्टॉक मार्केट में पैसा लगाने बिल्कुल भी नहीं पसंद है, बल्कि ये  फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), जमीन, आभूषण और मवेशियों जैसे पारंपरिक और सुरक्षित विकल्पों में पैसा लगाना पसंद करते हैं. 

FD है सबसे पसंदीदा विकल्प

वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कैबिनेट मंत्रियों की ओर से दी गई संपत्ति की जानकारी के मुताबिक, 30 में से 8 मंत्रियों ने सिर्फ FD में पैसा लगा रखा है. शेयर बाजार में निवेश से इनका कोई लेना-देना नहीं है. वहीं, 15 मंत्रियों ने बाजार में पैसर लगा रखा है. इनमें से 5 ऐसे हैं, जिनका पैसा म्यूचुअल फंड में लगा हुआ है.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल, पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह, नागरिक उड्डयन मंत्री के.आर. नायडू, जनजातीय मामलों के मंत्री जुआल ओराम और कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह जैसे कई वरिष्ठ नेता ऐसे हैं, जिन्होंने सिर्फ FD में पैसा लगाया है. स्टॉक मार्केट में इनका कोई निवेश नहीं है.

किसने कहां लगा रखा है पैसा?

एस. जयशंकर ने 5.59 करोड़ रुपये की FD और सरकारी कंपनी IRFC के बॉन्ड्स में 50 लाख रुपये लगाए हैं, जहां पैसा डूबने का रिस्क बिल्कुल जीरो है. इसी तरह से जे.पी. नड्डा ने अपने इंवेस्टमेंट पोर्टफोलियो में गोल्ड गाड़ी (Innova) और रियल एस्टेट को जगह दी है. अपना घर बनाने के लिए उन्होंने बैंक लोन और पर्सनल सेविंग्स का इस्तेमाल किया है, जो कि एक आम मध्यमवर्गीय भारतीय की तरह ही वित्तीय अनुशासन को दिखाता है. 

अमित शाह ने कहां कर रखा है निवेश?

केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने अपने हलफनामे में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 2.23 करोड़ रुपये लिस्टेड सिक्योरिटीज में और 3.07 लाख रुपये नॉन-लिस्टेड सिक्योरिटीज में लगाने की जानकारी दी है.  लिस्टेड सिक्योरिटीज का मतलब ऐसे वित्तीय साधनों से है, जो NSE और BSE जैसे  आधिकारिक तौर पर मान्यता स्टॉक एक्सचेंज पर रजिस्टर्ड होते हैं. वहीं, नॉन-लिस्टेड सिक्योरिटीज किसी सार्वजनिक एक्सचेंज पर लिस्टेड नहीं होते हैं. उनकी ही तरह वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी लिस्टेड सिक्योरिटीज में 9.70 करोड़ रुपये और नॉन-लिस्टेड सिक्योरिटीज में 1.01 लाख रुपये का निवेश कर रखा है. 

मार्केट में इनकी भी है दिलचस्पी

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने अडानी पावर, गुजरात अल्कलीज एंड केमिकल्स लिमिटेड, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी लिस्टेड कंपनियों के शेयर खरीद रखे हैं. इनका पैसा नॉन-लिस्टेड कंपनियों में भी लगा हुआ है, जिनमें श्री साई आशीष डाइंग एंड प्रिंटिंग मिल्स प्राइवेट लिमिटेड, श्री साई प्रकाशन प्राइवेट लिमिटेड और अवनीप सिल्क मिल्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं.

महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने ONGC के 540 शेयर खरीद रखे हैं, जिनकी कीमत 1.33 लाख रुपये है. उनके पास SBI के 1,500 शेयर हैं, जिनकी कीमत 15.65 लाख रुपये है. JIO FIN के 24 शेयर हैं, जिनकी कीमत 5,826 रुपये है. रिलायंस के 48 शेयर हैं, जिनकी कीमत 63,792 रुपये है और रिलायंस पावर के 27 शेयर हैं, जिनकी कीमत 661.77 रुपये है. साथ ही उन्होंने 5 FD भी करा रखी हैं, जिनकी कुल कीमत 28.25 लाख रुपये है.

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