आज टंकी फुल करवाने में कितने पैसे होंगे खर्च? जानें पेट्रोल-डीजल का रेट

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  • आज पेट्रोल-डीजल के दाम अपरिवर्तित रहे, जनता को राहत मिली.
  • कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियों को भारी घाटा.
  • कंपनियों को डीजल पर 20 और पेट्रोल पर 5 रुपये का नुकसान.
  • विशेषज्ञों ने भविष्य में ईंधन के दाम बढ़ने की आशंका जताई.

आज 22 सितंबर 2026 को हफ्ते के दूसरे दिन मंगलवार को पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बदले गए हैं. कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी के बावजूद सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने आज भी घरेलू स्तर पर ईंधन के दाम नहीं बढ़ाए हैं. इसी के साथ दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 95.20 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर बनी हुई है. वहीं, कोलकाता में आज पेट्रोल और डीजल की कीमत क्रमश: 113.51 रुपये और 99.82 रुपये प्रति लीटर है.

शहरवार चेक करें कीमत

शहर पेट्रोल की कीमत (प्रति लीटर) डीजल की कीमत (प्रति लीटर)
दिल्ली  102.12 रुपये 95.20 रुपये
मुंबई 111.31 रुपये 97.97 रुपये
वडोदरा 101.46 रुपये 97.50 रुपये
चेन्नई  107.78 रुपये 99.56 रुपये
लुधियाना 105.60 रुपये 94.80 रुपये
पटना 113.35 रुपये 99.36 रुपये
नासिक 112.46 रुपये 98.20 रुपये
भोपाल 115.41 रुपये 100.47 रुपये
अमृतसर 105.56 रुपये 96.20 रुपये

तेल कंपनियों को हो रहा घाटा

वैश्विक स्तर पर क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के चलते डीजल का अंर्तराष्ट्रीय बेंचमार्क प्राइस 4 महीने के उच्च स्तर 167.08 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है. इसी बढ़े हुए बेंचमार्क की वजह से तेल कंपनियों के लिए घरेलू बाजार में ईंधन बेचना घाटे का सौदा साबित हो रहा है और उन्हें डीजल की बिक्री पर प्रति लीटर करीब 20 रुपये का भारी घाटा हो रहा है. इसी तरह से तेल कंपनियों को पेट्रोल पर प्रति लीटर 5 रुपये का नुकसान हो रहा है.

इस नुकसान के बावजूद देश में आम जनता को राहत देने के लिए तेल कंपनियों ने अभी तक घरेलू स्तर पर पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ाए हैं. हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तनाव जारी रहा, तो आने वाले दिनों में आम उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए जा सकते हैं. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की एक रिसर्च के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में हर 10 डॉलर प्रति बैरल की बढ़ोतरी से देश की मुख्य मुद्रास्फीति (Headline Inflation) में लगभग 49 बेसिस पॉइंट्स  का इजाफा हो सकता है. इसके कारण ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट महंगी होगी, जिससे फल, सब्जियों सहित रोजमर्रा की चीजें महंगी हो जाएंगी.

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