भारतीय क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane) ने 30 जुलाई को खेल के सभी फॉर्मेट से संन्यास का एलान किया था. करीब 3 साल से टीम इंडिया से बाहर चल रहे रहाणे ने आखिरकार रिटायरमेंट का फैसला किया. अब रिटायर होने के 7वें दिन एक बार फिर रहाणे का दर्द छलका, जिसमें उन्होंने टीम में होने के बावजूद पानी पिलाने की बात की.
रहाणे ने बताया कि टेस्ट में आने के बाद उन्हें करीब 2 साल का इंतजार करना पड़ा. इसके अलावा उन्होंने कहा कि टीम में 12वें खिलाड़ी के रूप में रहकर पानी पिलाने और साथी खिलाड़ियों की मदद करने में कुछ गलत नहीं है.
डेब्यू के लिए रहाणे का इंतजार
06 अगस्त (गुरुवार) को अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए रहाणे ने डेब्यू की कहानी याद की. उन्होंने कहा, “जब मैं टीम में आया, तो शुरुआती 2 साल बहुत मुश्किल थे. टेस्ट डेब्यू के लिए मुझे करीब 20 मैच का इंतजार करना पड़ा. 20 मैचों तक मैं 12वां खिलाड़ी बनकर रहा.”
पानी पिलाना गलत बात नहीं
आगे बात करते हुए रहाणे ने कहा, “मेरे पास 2 ऑप्शन थे; या तो मैं लोगों से सहानुभूति लेता या फिर खुद को बेहतर करने पर काम करता. टीम का 12वां खिलाड़ी होकर पानी पिलाना और साथी खिलाड़ियों की मदद करना, इसमें कुछ भी गलत नहीं है. मैंने इसे पॉजिटिव तरीके से लिया.”
सब्र रखना जरूरी
रहाणे ने बताया कि कैसे लंबे वक्त तक खेलने के लिए सब्र करना जरूरी होता है. उन्होंने कहा, “वक्त के साथ मुझे एहसास हुआ कि जब होना होगा, हो जाएगा. आप वही कर सकते हैं, जो आपके काबू में है. आपको लंबे वक्त तक खेलने के लिए सब्र करना जरूरी है.”
अजिंक्य रहाणे का अंतर्राष्ट्रीय करियर
नजर डालें रहाणे के अंतर्राष्ट्रीय करियर पर, तो उन्होंने 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले. टेस्ट की 144 पारियों में उनके बल्ले से 5077 रन निकले, जिसमें 12 शतक और 26 अर्धशतक शामिल रहे. वनडे की 87 पारियों में रहाणे ने 3 शतक और 24 फिफ्टी की मदद से 2962 रन बनाए. बाकी टी20 इंटरनेशनल की 20 पारियों में रहाणे ने 113.29 की औसत से 375 रन स्कोर किए, जिसमें 1 फिफ्टी शामिल रही.
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