FSSAI के निशाने पर क्यों है शराब और खाने-पीने का सामान?

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FSSAI Action: भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) पिछले कुछ दिनों से एक्शन मोड में है. साल 2026 में इस विभाग ने फूड कंपनियों और ड्रिक कंपनियों पर जमकर छापेमारी की है. जिसका नतीजा ये है कि अब सभी फूड कंपनियां, रेस्टोरेंट्स आदि भी डरे हुए हैं और सतर्क भी हैं. FSSAI अब केवल खाने की गुणवत्ता को चेक करने तक ही सीमित नहीं रहा है, बल्कि गलत दावे, खराब लेबलिंग, साफ- सफाई में कमी और प्रोडक्शन के नियमों का पालन ना करने पर भी कंपनियों के खिलाफ सख्त कदम उठा रहा है.

FSSAI की सख्ती
बीते कुछ दिनों में ही फसाई ने इतने सारे ब्रांड्स पर कार्रवाई कर दी है, कि अब छोटे कारोबारी भी डर के साये में नजर आ रहे हैं. बीते दिन डाबर कंपनी पर बैन लगाया गया. जिसके बाद दशकों से चला आ रहा शराब का ब्रांड ओल्ड मॉन्क को भी भारत में बैन कर दिया गया है. फसाई के इस एक्शन मोड में आने की वजह आखिर क्या है? आइये जानते हैं.

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FSSAI क्यों सख्त हुआ?
दरअसल FSSAI के द्वारा बढ़ाई गई इस सख्ती का मुख्य उद्देश्य ग्राहकों को गलत जानकारी से बचाना और खाद्य सुरक्षा के नियमों का पालन करवाना है. FSSAI का कहना है कि किसी भी प्रोडक्ट के लेबल, नाम या एड में ऐसी जानकारी नहीं होनी चाहिए जिससे ग्राहक को उसकी गुणवत्ता, सामग्री, शुद्धता या स्वास्थ्य लाभ के बारे में गलत जानकारी मिले.

इतना ही नहीं FSSAI के अनुसार कंपनियों को अपने द्वारा किए जा रहे दावों के पीछे का वैज्ञानिक सबूत भी रखना होगा. FSSAI ने मई में कहा था कि कंपनियों को 100 प्रतिशत, 100 प्रतिशत प्योर और 100 प्रतिशत नेचुरल जैसे शब्दों के इस्तेमाल से बचना होगा, क्योंकि इनसे ग्राहक गुमराह हो सकते हैं. इसका मतलब है कि साल 2026 में FSSAI का फोकस सिर्फ मिलावट पकड़ने पर नहीं, बल्कि लेबल, विज्ञापन, मैन्युफैक्चरिंग, साफ-सफाई और ग्राहकों की शिकायतों समेत हर स्तर पर खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने पर है.

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डाबर इंडिया पर हुई सबसे बड़ी कार्रवाई
FSSAI ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई डाबर इंडिया के खिलाफ की है. FSSAI ने इस कंपनी के शहद, देसी घी, एप्पल साइडर विनेगर, वर्जिन कोकोनट ऑयल, तिल का तेल, नारियल पानी और नारियल दूध जैसे कुछ प्रोडक्ट पर 100 प्रतिशत नेचुरल, 100 प्रतिशत प्योर, और 100 प्रतिशत ऑर्गेनिक जैसे दावों पर रोक लगा दी है. इसे लेकर FSSAI का कहना है कि ऐसे दावों का सही तरीके से वैज्ञानिक प्रमाण देना मुश्किल है और ये ग्राहकों को भ्रमित कर सकते हैं.

नकली घी, तेल और पनीर पर भी कार्यवाही
FSSAI ने जून में नकली घी बनाने और बेचने वाले एक अंतरराज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया था. दिल्ली और हरियाणा में हुई संयुक्त कार्रवाई के दौरान 6,500 लीटर से ज्यादा संदिग्ध मिलावटी घी जब्त किया गया. इसके अलावा आज ही महाराष्ट्र में FSSAI की कार्यवाही में पनीर को बैन कर दिया गया है. हालांकि पूरी तरह से नहीं केवल एनालॉग पनीर को बैन किया गया है. तो वहीं पिछले कुछ समय से बैंगलोर में भी पुराने तेल का इस्तेमाल करने वालों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है. फसाई का साफ कहना है कि जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले को बिलकुल भी बक्षा नहीं जाएगा.



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