बांग्लादेश के दिग्गज क्रिकेटर और पूर्व कप्तान शाकिब अल हसन के घर पेट्रोल बम से हमला किया गया. शाकिब, जो बांग्लादेश के सबसे सफल क्रिकेटरों में से एक हैं. उन्हें एक समय देश में बहुत सम्मान से देखा जाता था, लेकिन आज उन्हीं के घर पर बमबारी की जा रही है. आखिर ऐसे हालत कैसे बन गए कि देश का हीरो अपने घर लौटने तक को तरस रहा हो.
दरअसल बुधवार, 5 अगस्त को नई दिल्ली में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. शाकिब अल हसन डिजिटल माध्यम से इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए थे. उसके कुछ घंटे बाद ही शाकिब के घर पर पेट्रोल बम से हमले की घटना सामने आई. सिर्फ बम ही नहीं बल्कि अराजक तत्वों ने उनके घर में तोड़-फोड़ भी की. आखिर ऐसी क्या वजहें रहीं, जिनकी वजह से शाकिब अपने ही देश में विलेन की तरह देखे जा रहे हैं और उनका शेख हसीना से संबंध क्या है?
आवामी लीग से सांसद रहे शाकिब
दरअसल शाकिब अल हसन, पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की राजनीतिक पार्टी आवामी लीग के सदस्य हैं. 2024 के चुनावों में आवामी लीग से शाकिब ने मागुरा-1 सीट से सांसद का चुनाव लड़ा था. शाकिब जीतकर सांसद चुने गए थे.
उसी साल बांग्लादेश में छात्र आंदोलन हुआ, जिसके बाद दंगे भड़क उठे. सरकार के विरोध में सड़कों पर प्रदर्शन के बीच हालात इतने बिगड़ गए कि प्रधानमंत्री शेख हसीना को देश छोड़कर भागना पड़ा, जिसके बाद उन्होंने भारत में शरण ली. उस समय शेख हसीना समेत उनके कई समर्थकों पर लगे आरोपों की लिस्ट बहुत लंबी थी.
मर्डर के लगे थे आरोप
वहीं शाकिब अल हसन भी इससे अछूते नहीं रहे. 2024 के हिंसक प्रदर्शन के बाद शाकिब अल हसन पर रुबेल हुसैन नामक व्यक्ति की हत्या के लिए उकसाने का आरोप लगा था. रुबेल के पिता ने एफआईआर में बताया कि शाकिब अल हसन और आवामी लीग के अन्य नेताओं के निर्देश पर प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग की गई थी. जबकि उस घटना के समय शाकिब अल हसन बांग्लादेश में थे ही नहीं, वे कनाडा की ग्लोबल टी20 लीग में खेल रहे थे.
अब बुधवार को पेट्रोल बम फेंके जाने की घटना संकेत है कि लोगों के भीतर अब भी शाकिब और शेख हसीना के प्रति ही नहीं बल्कि आवामी लीग के लिए रोष कम नहीं हुआ है. 2024 में बांग्लादेश छोड़कर भागने के बाद शेख हसीना पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आई हैं.
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