Facial Scan Apps Depression: सांप के काटने पर घोड़े कैसे बचाते हैं इंसान की जान, यहां जानें?

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Facial Scan Apps Depression : सोशल मीडिया पर इन दिनों ऐसे कई फेशियल स्कैन ऐप तेजी से फेमस हो रहे हैं, जो दावा करते हैं कि वे चेहरे को स्कैन करके उसकी कमियां बता सकते हैं और खूबसूरती बढ़ाने के लिए सुझाव दे सकते हैं. इन ऐप्स का इस्तेमाल करने वाले कई लोग अब अपने चेहरे को पहले से अलग नजर से देखने लगे हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे ऐप्स महिलाओं के कॉन्फिडेंस और मेंटल हेल्थ पर नेगेटिव असर डाल सकते हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि आखिर ये फेशियल स्कैन ऐप कैसे काम करते हैं और विशेषज्ञ इन्हें लेकर क्या कमियां बता रहे हैं. 

फेशियल स्कैन ऐप कैसे काम करते हैं?

फेशियल स्कैन ऐप में यूजर अपनी सेल्फी या चेहरे की तस्वीर अपलोड करता है. इसके बाद ऐप एआई और इमेज एनालिसिस तकनीक की मदद से चेहरे के अलग-अलग हिस्सों, जैसे नाक, आंखें, होंठ, जबड़े, त्वचा और चेहरे के आकार का विश्लेषण करता है फिर यह एक रिपोर्ट तैयार करता है, जिसमें चेहरे की कथित कमियां बताई जाती हैं और उन्हें सुधारने के लिए बोटोक्स, फिलर्स, प्लास्टिक सर्जरी, स्किन ट्रीटमेंट या ब्यूटी प्रोडक्ट्स जैसी सलाह दी जाती है. 
 
फेशियल स्कैन ऐप कैसे बढ़ा रहे हैं डिप्रेशन?

37 वर्षीय डेनियल पहले मॉडलिंग करती थीं, लेकिन पिछले कुछ समय से उन्हें काम कम मिलने लगा. इसी दौरान सोशल मीडिया पर उन्हें फेशियल एनालिसिस करने वाली कंपनियों के विज्ञापन दिखाई दिए. डेनियल ने करीब 32 हजार रुपये खर्च करके अपनी सेल्फी एक फेशियल एनालिसिस कंपनी को भेजी. कुछ दिनों बाद उन्हें करीब 30 पन्नों की रिपोर्ट मिली. इसमें उनके चेहरे, कान और अन्य फीचर्स का विश्लेषण किया गया और राइनोप्लास्टी, चिन इम्प्लांट, बोटोक्स, फिलर्स समेत कई कॉस्मेटिक प्रक्रियाओं की सलाह दी गई. डेनियल का कहना है कि अब उन्हें लगता है कि अपनी पसंद के अनुसार सुंदर दिखने के लिए लाखों रुपये खर्च करने पड़ेंगे. वह फिलहाल अपना कर्ज चुकाने के बाद सर्जरी कराने की योजना बना रही हैं. 

दूसरी महिला का एक्सपीरियंस भी रहा ऐसा ही

फ्रांस में रहने वाली 25 वर्षीय ओसियन बचपन से ही अपने चेहरे को लेकर असहज महसूस करती थीं. उन्होंने भी इसी कंपनी से अपनी रिपोर्ट मंगवाई. रिपोर्ट मिलने के बाद उन्हें कुछ बातों में राहत जरूर मिली, लेकिन उनके चेहरे की कथित कमियों को लेकर असुरक्षा पहले से ज्यादा बढ़ गई.

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विशेषज्ञ इन्हें लेकर क्या कमियां बता रहे हैं?

जब विशेषज्ञों ने भी Qoves और Epica जैसे फेशियल स्कैन ऐप्स का इस्तेमाल किया. Qoves ने उन्हें चेहरे का विस्तृत विश्लेषण और 16 पन्नों का ब्यूटी प्रोटोकॉल दिया. रिपोर्ट में एआई की मदद से यह भी दिखाया गया कि बोटोक्स, लिप फिलर्स और अन्य कॉस्मेटिक प्रक्रियाओं के बाद उनका चेहरा कैसा दिखाई देगा. वहीं Epica ऐप ने उनकी स्किन हेल्थ 61 प्रतिशत बताई और स्किम के अन इवन कलर को समस्या बताते हुए कई महंगे सीरम के विज्ञापन दिखाए. बाद में जब उन्होंने सिर्फ अलग रोशनी में नई सेल्फी ली, तो स्किन हेल्थ स्कोर बढ़कर 81 प्रतिशत हो गया. लेखिका ने बताया कि इन रिपोर्ट्स से पहले उन्होंने कभी यह नहीं सोचा था कि उनका मुंह ज्यादा चौड़ा है या उन्हें इतनी कम उम्र में बोटोक्स की जरूरत है, लेकिन रिपोर्ट देखने के बाद उन्होंने आईने में खुद को लेकर संकोच महसूस करना शुरू कर दिया.

विशेषज्ञों ने क्या जताई चिंता?

ओटावा यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर डॉ. ट्रेसी वेलैनकोर्ट का कहना है कि जिन लोगों को पहले से बॉडी डिस्मॉर्फिया, कम कॉन्फिडेंस या ईटिंग डिसऑर्डर जैसी समस्याएं हैं, उनके लिए ऐसी रिपोर्ट्स मेंटल हेल्थ पर गंभीर नेगेटिव असर डाल सकती हैं. उनके मुताबिक, इस तरह के ऐप लोगों को बार-बार अपनी तुलना दूसरों से करने के लिए प्रेरित करते हैं, जिससे वे खुद को कभी पर्याप्त अच्छा महसूस नहीं कर पाते है. 

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