How To Remove Sweat Odor From Bedsheet: बरसात का मौसम गर्मी से राहत जरूर देता है. बाहर बारिश हो, ठंडी हवा चले और मिट्टी की खुशबू आए तो मौसम सुहावना लगने लगता है. लेकिन लगातार कई दिनों तक बारिश होने के बाद घर के अंदर एक अलग तरह की परेशानी शुरू हो जाती है. कमरे में नमी बढ़ने लगती है और इसका असर सबसे पहले बिस्तर, गद्दे और चादरों पर दिखाई देता है. कई बार सुबह उठने पर चादर थोड़ी नम या भारी महसूस होती है, जबकि उस पर पानी गिरा भी नहीं होता. कमरे में हल्की सी सीलन की गंध आने लगती है और गद्दे पर लेटने में भी पहले जैसी ताजगी महसूस नहीं होती. अगर आपके कमरे में भी ऐसा हो रहा है, तो इसकी वजह सिर्फ गीली चादर नहीं, बल्कि कमरे में जमा ज्यादा नमी हो सकती है.
बरसात में कमरे की नमी क्यों बढ़ जाती है?
बारिश के मौसम में हवा में नमी काफी बढ़ जाती है. खासकर उन कमरों में जहां खिड़कियां लंबे समय तक बंद रहती हैं और हवा का आना-जाना कम होता है. कमरे की हवा में मौजूद नमी धीरे-धीरे कपड़ों, गद्दे, तकिए और दूसरी चीजों में जमा होने लगती है. गद्दा एक ऐसी चीज है जो नमी को आसानी से सोख सकता है. इसके अलावा रात में सोते समय शरीर से निकलने वाला पसीना भी गद्दे और चादर में पहुंचता है. अगर कमरे में हवा का संचार ठीक नहीं है, तो यह नमी आसानी से बाहर नहीं निकल पाती. यही स्थिति लंबे समय तक बनी रहे तो सीलन और बदबू की समस्या शुरू हो सकती है.
कमरे में ये गलती बिल्कुल न करें
बरसात में कमरे की खिड़कियां और दरवाजे हर समय बंद रखना सबसे आम गलतियों में से एक है. बारिश से बचने के लिए खिड़कियां बंद रखना जरूरी हो सकता है, लेकिन जब भी मौसम थोड़ा साफ हो और बाहर की हवा अपेक्षाकृत सूखी हो, कमरे में हवा का रास्ता जरूर बनाएं. कुछ समय के लिए खिड़कियां खोलने से कमरे की बंद और भारी हवा बाहर निकल सकती है. अगर कमरे में दूसरी तरफ खिड़की या दरवाजा है, तो दोनों तरफ से हवा आने-जाने दें. इससे कमरे के साथ-साथ बिस्तर में जमा नमी को भी बाहर निकलने में मदद मिलेगी.

गद्दे को सीधे फर्श पर न रखें
अगर गद्दा सीधे फर्श पर रखा है, तो उसके नीचे हवा का रास्ता बहुत कम हो जाता है. बारिश के मौसम में फर्श भी नमी पकड़ सकता है और यह नमी धीरे-धीरे गद्दे तक पहुंच सकती है. इसलिए कोशिश करें कि गद्दे को ऐसे बेड या बेस पर रखें, जहां नीचे से हवा का थोड़ा रास्ता बना रहे. स्लैट वाले बेड बेस इस मामले में बेहतर हो सकते हैं, क्योंकि उनके नीचे हवा का आवागमन बना रहता है.
धूप निकले तो गद्दे को हवा जरूर लगवाएं
बरसात में धूप लगातार नहीं निकलती, लेकिन जब भी कुछ घंटों के लिए मौसम साफ हो, उस समय का फायदा उठाएं. खिड़कियां खोलें और कमरे में हवा आने दें. अगर संभव हो तो गद्दे को बेड से थोड़ा उठाकर उसके नीचे की तरफ भी हवा लगने दें. गद्दे को धूप दिखाने का मौका मिले तो कुछ समय के लिए ऐसा किया जा सकता है. हालांकि, गद्दे को लंबे समय तक तेज धूप में रखने से पहले उसके निर्माता के निर्देश जरूर देखें.

हल्की गीली चादर बिस्तर पर न बिछाएं
बरसात में कपड़े सूखने में ज्यादा समय लेते हैं. कई बार चादर ऊपर से सूखी लगती है, लेकिन अंदर से हल्की नम होती है. ऐसी चादर को बिस्तर पर बिछाने से गद्दे में भी नमी पहुंच सकती है. इसलिए चादर और बेडशीट को पूरी तरह सूखने के बाद ही बिस्तर पर बिछाएं. अगर घर के अंदर सुखा रहे हैं, तो उन्हें एक-दूसरे के ऊपर ढेर करके न रखें. हवा का रास्ता बना रहने दें.
गद्दे पर नमी रोकने के लिए प्रोटेक्टर लगाएं
बारिश के मौसम में मैट्रेस प्रोटेक्टर भी काम आ सकता है. यह शरीर के पसीने और दूसरी नमी को सीधे गद्दे के अंदर जाने से रोकने में मदद करता है. हालांकि, ऐसा प्रोटेक्टर चुनना बेहतर है जो हवा का रास्ता पूरी तरह बंद न करे. प्रोटेक्टर को भी समय-समय पर धोकर पूरी तरह सुखाना जरूरी है.
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कमरे में नमी कम करने के लिए क्या करें?
अगर कमरे में लगातार सीलन रहती है, तो नमी कम करने के लिए डीह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके अलावा कमरे में हवा का बेहतर आवागमन बनाए रखना भी जरूरी है. अलमारी, बेड और दीवार के बीच थोड़ी जगह रखना भी उपयोगी हो सकता है. फर्नीचर को दीवार से बिल्कुल चिपकाकर रखने पर वहां हवा का संचार कम हो जाता है और नमी जमा हो सकती है.
सीलन की गंध को नजरअंदाज न करें
अगर कमरे या गद्दे से लगातार मिट्टी जैसी या सीलन वाली गंध आने लगी है, तो इसे सिर्फ मौसम की सामान्य गंध समझकर नजरअंदाज न करें. यह कमरे या गद्दे में ज्यादा नमी जमा होने का संकेत हो सकता है. गद्दे पर छोटे-छोटे दाग, नमी या फफूंद जैसी चीज दिखाई दे तो उसे गंभीरता से लें. ऐसी स्थिति में सिर्फ खुशबू वाले स्प्रे का इस्तेमाल करने से समस्या खत्म नहीं होगी. नमी का कारण दूर करना जरूरी है.
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