‘तलवार से मच्छर मारने जैसा काम’, Amazon केस पर हाई कोर्ट की FDA को फटकार

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Amazon Bhiwandi Warehouse: बॉम्बे हाई कोर्ट ने अमेजन रिटेल इंडिया के भिवंडी गोदाम पर की गई कार्रवाई को लेकर FDA को फटकार लगाई है. कोर्ट ने कहा कि ये ऐसा है जैसे ‘तलवार से मच्छर मारने की कोशिश करना.’

हाई कोर्ट ने कहा कि नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई करना जरूरी है, लेकिन इसके लिए सही तरीका अपनाना भी जरूरी है. कोर्ट ने एफडीए से पूछा कि क्या किसी मामले में सभी बिज़नेस को बंद कर देना ही परेशानी का हल है. कोर्ट ने डिपार्टमेंट को कार्रवाई करते समय सही तरीके से काम करने की सलाह दी.

क्या है पूरा मामला?

ये मामला Amazon Retail India के भिवंडी गोदाम से जुड़ा है. FDA ने आरोप लगाया था कि गोदाम से एक्सपायर्ड खाने की चीजें बाजार में भेजी जा रही थीं, जबकि उन्हें खत्म किया जाना चाहिए था. इसी मामले में एफडीए ने गोदाम के खिलाफ कार्रवाई की थी.

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Amazon की ओर से वकील वेंकटेश धोंड ने कोर्ट को बताया कि FDA के ऑफिसर 24 जून को गोदाम पहुंचे थे. इसके अगले ही दिन गोदाम का लाइसेंस कुछ टाइम के लिए रोक दिया गया. उनका कहना था कि इससे पहले कंपनी को अपनी कमियां ठीक करने के लिए कोई नोटिस नहीं दिया गया था.

लाइसेंस भी कर दिया गया था रद्द

इसके बाद Amazon की ओर से ऑफिसर के सामने अपील की गई. लेकिन अपील पर सुनवाई चल ही रही थी कि FDA ने 1 जुलाई को वजह बताओ नोटिस जारी किया और बाद में लाइसेंस भी रद्द कर दिया.

इस पर हाई कोर्ट ने सवाल उठाया कि जब मामला अपील में चल रहा था, तो लाइसेंस रद्द करने का आदेश कैसे दिया जा सकता है.कोर्ट ने कहा कि अपील चलने के दौरान इस तरह की कार्रवाई नहीं की जा सकती है.

जरूरत से बड़ी की गई कार्रवाई- हाई कोर्ट

कोर्ट ने FDA को साफ कहा कि नियम लागू करने के लिए सही प्रोसेस का पालन करना जरूरी है. कोर्ट ने ये भी कहा कि सख्ती के नाम पर जरूरत से ज्यादा बड़ी कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए. 

सरकार की ओर से पेश वकील ने FDA की तरफ से जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा. बॉम्बे हाई कोर्ट अब इस मामले की अगली सुनवाई 10 अगस्त को करेगा. कोर्ट की इस बात के बाद Amazon Retail India को बड़ी राहत की उम्मीद है, लेकिन मामले पर आखरी फैसला अभी बाकी है.

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