1977 में सिंडिकेट बैंक के चीफ को कितनी मिलती थी सैलरी? ऑफर लेटर वायरल

251ddfdbc7c27ce2db6a639ad7f0331217860111224741346 original scaled


Tata Consultency 1977 Salary: इन दिनों लोगों की सैलरी हजारों और लाखों में होती है, लेकिन एक समय वो भी था जब महज 1000 रुपये भी सैलरी के रूप में मिला करते थे. उस दौर के हिसाब से तो ये सैलरी बहुत ज्यादा थी, लेकिन इस दौर में इसे देख हर कोई हैरान हो गया है. हाल ही में सिंडिकेट बैंक के एक्स चेयरमैन ने अपनी साल 1977 की पहली नौकरी का ऑफर लेयर शेयर किया है.

1977 में कितनी थी सैलरी?
दरअसल अजय नानावटी ने हाल ही में लिंक्डइन पर अपना साल 1977 का एक ऑफर लेटर शेयर किया है. ये ऑफर लेटर उन्हें टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज में पहली नौकरी के दौरान मिला था. शेयर किया गया ऑफर लेटर 4 जुलाई 1977 का है, जिसमें अजय नानावटी को 960 रुपये एक महीने की सैलरी के रूप में ऑफर किए गए हैं. जो आज के समय में 10 US डॉलर के बराबर हैं. यहां देखें ऑफर लेटर:

1977 में सिंडिकेट बैंक के चीफ को कितनी मिलती थी सैलरी? ऑफर लेटर वायरल

ये भी पढ़ें: 135 साल पुराना कानून खत्म, अब कोर्ट में मान्य होंगे स्क्रीनशॉट्स-डिजिटल सबूत, आप पर होगा सीधा असर

कैसा था रिएक्शन?
इस ऑफर लेटर को शेयर करते हुए अजय नानवटी ने बताया कि जब उन्हें इस नौकरी का ऑफर मिला था, तब वो US से केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करके लौटे थे, उन्हें लगा था कि यहां कंपनियां उन्हें हाथों हाथ रखेंगी और उन्हें कोई बड़ा ऑफर मिलेगा. लेकिन ये ऑफर लेटर देखकर उनके होश ही उड़ गए थे.  ये उनके लिए सरप्राइज के साथ शॉक भी था.

पिता की सलाह पर ली नौकरी
उन्होंने इस फोटो को शेयर करते हुए कैप्शन में ये भी बताया कि उनके पिता ने उन्हें इस नौकरी को लेने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने कैप्शन में लिखा, ‘मेरे पिता जिन्होंने मेरी पढ़ाई पर काफी खर्च किया था, उन्होंने मेरी शुरुआती सैलरी देखी और बस चुप रह गए’. हालांकि बावजूद इसके उनके पिता ने उनसे कहा कि ‘ऑफर एक्सेप्ट कर लो’.

हिल गया था कॉन्फिडेंस
अजय ने इस बात को भी एक्सेप्ट किया कि इस सैलरी ने उनके कॉन्फिडेंस को ही हिलाकर रख दिया था. उन्होंने कैप्शन में लिखा, ‘मेरा खुद को शक की नजरों से देखने लगा था. मुझे लगा था कि कंपनियां मुझे हायर करने के लिए आगे- पीछे दौड़ेंगी.’ हालांकि उनके पास और भी अच्छे ऑफर्स थे, लेकिन उन्होंने फिर भी टाटा को चुना, कम सैलरी होने के बावजूद भी.

ये भी पढ़ें: पाकिस्तान की PIA संभालने वाले थे Air India के नए CEO टेवोलडे, पढ़ें रोचक कहानी

करियर चेंजिंग डिसीजन
नानावटी के लिए ये फैसला पूरी तरह से करियर चेंजिंग रहा है. उन्होंने 7 जुलाई 1977 को यहां बतौर असिस्टेंट कमर्शियल ऑफिसर के रूप में जॉइनिंग की. नानावटी ने अपने इस फसले को अपने बेस्ट करियर डिसीजन में से एक बताया. 

यंगस्टर्स को दी एडवाइज
खुद के एक्सपीरियंस को देखते हुए नानावटी ने आज के यंग प्रोफेशनल्स को एडवाइज दी है कि उन्हें अपने करियर के शुरुआती स्टेज पर सीखने के बारे में सोचना चाहिए, ना कि सैलरी पर फोकस करना चाहिए. उन्होंने कहा कि योग्यता के बाद ही कम्पंसेशन मिलता है, न कि इसके उलट. इसके अलावा उन्होंने यंग प्रोफेशनल्स को अपने स्किल्स मजबूत करने के लिए कहा, साथ ही लीडर्स के लिए कहा कि वो भी ऐसे यंग बच्चों को मौका दें.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *