आज बढ़ी या कम हुई है पेट्रोल-डीजल की कीमतें? जानें आपके शहर में 1 लीटर का रेट

ccca51029cdb629f1c34ebec76732e8617862373682771379 original


Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

  • भारतीय तेल कंपनियां बफर फंड से कीमतें स्थिर बनाए रखती हैं.

Petrol-Deisel Price Today August 9, 2026: आज रविववार को देश भर में पेट्रोल-डीजल की कीमतें पूरी तरह से स्थिर बनी हुई हैं. तेल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) द्वारा सुबह 6 बजे जारी की गई दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आखिरी बार 25 मई को बदलाव किया गया था, उस समय पेट्रोल की कीमत में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी. 

शहरवार पेट्रोल-डीजल की कीमतें

शहर पेट्रोल की कीमत (प्रति लीटर) डीजल की कीमत (प्रति लीटर)
दिल्ली 102.12 रुपये 95.20 रुपये
मुंबई  111.18 रुपये 97.83 रुपये
कोलकाता 113.47 रुपये 99.82 रुपये
चेन्नई 107.77 रुपये  99.55 रुपये
बेंगलुरु 110.93 रुपये 98.80 रुपये
हैदराबाद 115.69 रुपये 103.82 रुपये
रांची 101.10 रुपये 95.80 रुपये
भोपाल 111.45 रुपये  96.52 रुपये
पटना 113.35 रुपये 99.36 रुपये

आज क्रूड ऑयल की कीमतें

शिपिंग के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के फिर से खुलने की उम्मीदें खत्म होने के साथ, बीते 7 अगस्त को शुरुआती कारोबार के दौरान ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 1.29% की मामूली बढ़त देखी गई थी. वहीं, आज ब्रेंट क्रूड वीकेंड क्लोजिंग पर 83.55-83.60 डॉलर प्रति बैरल के मजबूत दायरे में बना हुआ है. वहीं, वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) लगभग 78 डॉलर पर ट्रेड कर रहा है.

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, US बैंक एसेट मैनेजमेंट ग्रुप के सीनियर इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी डायरेक्टर रॉब हॉवर्थ ने कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित शिपिंग के लिए बहाल करने की प्रारंभिक बातचीत किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है और निवेशक असमंजस की स्थिति में हैं. उन्होंने यह भी कहा कि अभी इस रास्ते ट्रैफिक बहुत कम है, जिससे वैश्विक स्तर पर लॉन्ग-टर्म में सप्लाई चेन के प्रभावित होने का जोखिम बना हुआ है. 

भारत में क्या है स्थिति?

वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में प्रति बैरल 5-10 डॉलर तक के दैनिक उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत में कीमतें स्थिर बनी हुई हैं क्योंकि सरकारी तेल कंपनियां जैसे कि इंडियन ऑयल (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) दैनिक आधार पर अंतर्राष्ट्रीय कीमतों के झटकों से आम उपभोक्ताओं को बचाए रखती है. जब अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल सस्ता होता है, तब कंपनियां अपना मार्जिन सुधारकर बफर फंड बनाती है और फिर जब होर्मुज जैसे किसी संकट की वजह से तेल की कीमतें महंगी हो जाती हैं, तो वे उसी बफर फंड का इस्तेमाल कर खुदरा कीमतों को स्थिर रखती हैं. 

ये भी पढ़ें:

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर: दिल्ली में शुरू मैराथन बैठकें, उठाए गए ये 5 बड़े मुद्दे



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *