चीनी की कीमतों में लगी आग, दिल्ली से मुंबई तक बढ़े रेट; जानें अब 1 किलो की कीमत?

69d8534ee02735d5c66d63ff2f51728017861648972031379 original


Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

  • त्योहारों को चीनी उपलब्धता हेतु, मिलें जल्द पेराई करेंगी.

Sugar Price Hike: देश में अभी त्योहारी सीजन ने दस्तक भी नहीं दी है, लेकिन चीनी की कीमतें अभी से बढ़ने लगी हैं. दिल्ली से लेकर मुंबई तक चीनी की कीमतों में बीते एक महीने में 8-15% तक का उछाल आया है. दिल्ली में चीनी की कीमत 45 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 49 रुपये प्रति किलो हो गई है. इसी तरह से मुंबई में इसकी कीमत 46 रुपये से उछलकर अब सीधे 52 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई है. इसी तरह से पश्चिम बंगाल में चीनी अभी 55 रुपये प्रति किलो के भाव में बिक रहा है. 

क्यों बढ़ रहे हैं चीनी के दाम?

  • अगस्त से देश में त्योहारी सीजन की शुरुआत हो रही है, जो दिसंबर तक चलने वाला है. इस दौरान राखी, गणेश चतुर्थी, दशहरा, दिवाली और क्रिसमस जैसे कई त्योहारें एक के बाद एक आएंगी. इस मौके पर मिठाइयों से लेकर केक-पेस्ट्री व कोल्ड ड्रिंक्स की डिमांड काफी बढ़ने वाली है. यही वजह है कि चीनी की थोक खरीदारी काफी बढ़ गई है.
  • चीनी का स्टॉक 30 साल के सबसे निचले स्तर पर चला गया है. पिछले सीजन में उत्पादन कम होने और करीब 8 लाख टन चीनी निर्यात होने की वजह से 1 अक्टूबर को मिलों के पास बचा हुआ स्टॉक महज 35 लाख टन रहने का अनुमान है. यह बीते 30 सालों में सबसे कम है. ऐसे में चीनी मिलें आगे और दाम बढ़ने की आशंका से बाजार में धीरे-धीरे स्टॉक छोड़ रही है. इससे बाजार में चीनी की कमी देखी जा रही है. 
  • अल-नीनो और जून-जुलाई में देश के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की वजह से महाराष्ट्र, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश जैसे प्रमुख चीनी उत्पादक राज्यों में गन्ने की पैदावार कम हुई है. ऊपर से अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में भी चीनी की किल्लत आने की आशंका से कीमतें आसमान छूने लगी हैं. साथ ही इस बीच देश में लॉजिटिक्स और माल भाड़ा पर भी खर्च बढ़ा है. 

सरकार ने उठाए सख्त कदम

चीनी की बढ़ती कीमतों को काबू में रखने के लिए सरकार ने कारोबारियों के लिए 30 नवंबर, 2026 तक स्टॉक लिमिट लागू कर दी है. इसके चलते अब व्यापारी अब एक बार में 4000 क्विंटल से अधिक चीनी स्टोर नहीं कर पाएंगे. इससे जमाखोरी को रोका जा सकेगा. साथ ही घरेलू स्तर पर कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए चीनी के निर्यात पर भी इन दिनों सरकार ने पूरी तरह से प्रतिबंध लगा रखा है.

सरकार के निर्देश पर उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र की चीनी मिलें इस बार नवंबर के बजाय अक्टूबर के मध्य में ही गन्ने की पेराई 10 से 15 दिन पहले ही शुरू कर देंगी ताकि त्योहारी सीजन में नई चीनी बाजार में आ सके.

ये भी पढ़ें: 

महंगा हुआ सोना और सस्ती हुई चांदी, जानें प्रति 10 ग्राम दोनों की आज ताजा कीमत



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *