6 साल में सबसे कम रहा नीट पीजी 2026 का कट ऑफ, जानें क्या है वजह?

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नीट पीजी 2026 का रिजल्ट 24 सितंबर को जारी हो गया है. रिजल्ट जारी होने के बाद उम्मीदवारों को स्कोर और रैंक की जानकारी मिल गई है. वहीं इस बार रिजल्ट में सबसे ज्यादा चर्चा क्वालीफाइंग कट ऑफ की हो रही है. जनरल और ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों के लिए यह कट ऑफ 262 अंक रही, जबकि जनरल PwBD के लिए 244 और एससी, एसटी में ओबीसी उम्मीदवारों के लिए 226 अंक निर्धारित किए गए हैं.  पिछले वर्षों के आंकड़ों से मिलाने पर 2026 का कटऑफ पिछले कई सालों के मुकाबले सबसे नीचे रहा है. हालांकि कट ऑफ के अंक कम होने के बावजूद क्वालीफाइंग पर्सेंटाइल में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है. जनरल ईडब्ल्यूएस के लिए 50वां पर्सेंटाइल  , जनरल पीडब्ल्यूडी के लिए 45वां पर्सेंटाइल और एससी, एसटी व ओबीसी समेत इन वर्गों के पीडब्ल्यूडी उम्मीदवारों के लिए 40वां पर्सेंटाइल ही है. 

पिछले 6 वर्ष साल में कितना बदला कट ऑफ

साल       जनरल/EWS    जनरल-PwBD    SC/ST/OBC, PwBD सहित
2021         302                       283                      265
2022         275                       260                      245
2023         291                       274                      257
2024         50वां पर्सेंटाइल     45वां पर्सेंटाइल    40वां पर्सेंटाइल
2025         276                      255                       235
2026         262                      244                       226

कट ऑफ कम होने का मतलब परीक्षा आसान नहीं 

एक्सपर्ट्स के अनुसार कम अंक वाले कटऑफ को सीधे यह नहीं माना जाना चाहिए कि इस साल पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल सीट हासिल करने का करना आसान हो गया है. FAIMA  डॉ. एसोसिएशन के चीफ पैट्रन और को-फाउंडर डॉक्टर रोहन कृष्णन के अनुसार परीक्षा के बदलते पैटर्न बढ़ते कंपटीशन और कोचिंग के बढ़ते ऑप्शन ने छात्रों की तैयारी को प्रभावित किया है. उनका कहना है कि कई बार अलग-अलग सोर्स और रणनीतियों के कारण छात्रों के सामने यह स्पष्ट नहीं रहता की क्या पढ़ना है और किस तरीके से तैयारी करनी है. उन्होंने एमबीबीएस के दौरान मजबूत बुनियाद को भी जरूरी बताया और कहा कि कमजोर कांसेप्चुअल फाउंडेशन होने पर छात्र नीट पीजी की तैयारी के दौरान कोचिंग पर ज्यादा निर्भर हो जाते हैं 

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कई चीजों से प्रभावित होती है कटऑफ

आईएमए जूनियर डॉक्टर्स नेटवर्क के नेशनल स्पोकपर्सन डॉ. ध्रुव चौहान के अनुसार कट ऑफ कई चीजों से प्रभावित होता है. इनमें पेपर का कठिनाई स्तर उम्मीदवारों का प्रदर्शन अंकों का वितरण परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों की संख्या और उपलब्ध पीजी सीटें शामिल है. इसलिए परीक्षा कठिन रही हो या उम्मीदवारों का कुल प्रदर्शन पिछले साल की तुलना में कम रहा हो, तो सामान परसेंटाइल के बावजूद जरूरी अंक नीचे जा सकते हैं. ऐसे में कम स्कोर वाला कट ऑफ उम्मीदवारों की क्षमता कम होने का सीधा मतलब नहीं माना जा सकता है.

पहली बार जारी होगी नीट पीजी की आंसर की 

नीट पीजी 2026 में एक और अहम बदलाव आंसर की और रिकॉर्ड रिस्पांस से जुड़ा है. NBEMS पहली बार उम्मीदवारों को प्रश्न आईडी, सही उत्तर और उनके रिकॉर्डेड जवाब और दिए गए स्कोर की जानकारी उपलब्ध कराने जा रहा है. NBEMS के नोटिस के अनुसार आंसर की 1 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध कराई जाएगी, जिसे उम्मीदवार अपनी लॉगिन डीटेल के जरिए से देख सकेंगे. वहीं रिजल्ट जारी होने के बाद भी उम्मीदवार अपने जवाब और ऑफिशियल उत्तरों की तुलना कर पाएंगे.

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