Eye Discharge: सुबह-सुबह आंखों में दिख रहा ज्यादा कीचड़, जानें कब है खतरे का संकेत?

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Morning Eye Discharge Causes And Treatment: सुबह उठते ही आंखों के कोनों में थोड़ा बहुत कीचड़ या चिपचिपा पदार्थ नजर आना आम बात है. रातभर सोने के दौरान आंखों के कोनों में म्यूकस, तेल, त्वचा की कोशिकाएं और छोटे-छोटे कण जमा हो जाते हैं, जिसकी वजह से सुबह आंखों में कीचड़ दिखाई दे सकता है. लेकिन अगर इसकी मात्रा अचानक बढ़ जाए, रंग बदल जाए या इसके साथ आंखों में लालिमा, दर्द और रोशनी से परेशानी होने लगे, तो इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

आंखों में कीचड़ क्यों जमा होता है?

Centreforsight की रिपोर्ट के अनुसार, आंखों से निकलने वाला डिस्चार्ज असल में म्यूकस, तेल, त्वचा की कोशिकाओं और छोटे-छोटे कणों का मिश्रण होता है. यह आंखों की सतह को चिकना रखने और धूल-कणों को बाहर निकालने में मदद करता है. इसलिए सुबह थोड़ी मात्रा में कीचड़ दिखना सामान्य है. समस्या तब हो सकती है जब यह सामान्य से ज्यादा हो या इसके साथ दूसरे लक्षण भी नजर आने लगें.

सफेद और पतला कीचड़ किस ओर करता है इशारा?

अगर आंखों के कोनों में पतला सफेद डिस्चार्ज या हल्की परत नजर आती है, तो इसकी वजह आंखों में सूखापन, लंबे समय तक स्क्रीन देखने या पंखे और एसी की हवा से होने वाली जलन हो सकती है. आमतौर पर यह आसानी से साफ हो जाता है. आंखों को आराम देना और लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स मदद कर सकते हैं. लेकिन अगर यह समस्या लगातार बनी रहे या नजर धुंधली महसूस हो, तो आंखों की जांच करानी चाहिए.

Eye Discharge: सुबह-सुबह आंखों में दिख रहा ज्यादा कीचड़, जानें कब है खतरे का संकेत?

आंखों में पानी और चिपचिपा डिस्चार्ज

अगर आंखों से लगातार पानी आ रहा है और साथ में हल्का चिपचिपा डिस्चार्ज भी है, तो इसकी वजह एलर्जी या वायरल कंजंक्टिवाइटिस हो सकती है. एलर्जी में आमतौर पर आंखों में खुजली ज्यादा होती है, जबकि वायरल संक्रमण में लालिमा और आंखों में किरकिरापन महसूस हो सकता है. ऐसी स्थिति में ठंडी पट्टी और प्रिजर्वेटिव-फ्री आर्टिफिशियल टीयर्स से राहत मिल सकती है.

पीला कीचड़ दिखे तो सावधान

अगर सुबह आंखें खोलने में परेशानी हो रही है और पलकों पर मोटा पीला डिस्चार्ज जमा है, तो यह बैक्टीरियल कंजंक्टिवाइटिस का संकेत हो सकता है. इसके साथ आंखों में दर्द या लालिमा भी हो सकती है. ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है, क्योंकि जरूरत पड़ने पर डॉक्टर एंटीबायोटिक आई ड्रॉप या ऑइंटमेंट दे सकते हैं.

Eye Discharge: सुबह-सुबह आंखों में दिख रहा ज्यादा कीचड़, जानें कब है खतरे का संकेत?

हरे रंग का डिस्चार्ज खतरे का संकेत हो सकता है

आंखों से हरे रंग का डिस्चार्ज निकलना ज्यादा गंभीर बैक्टीरियल संक्रमण की ओर इशारा कर सकता है. अगर कीचड़ साफ करने के कुछ समय बाद फिर से जमा हो जाता है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वाले लोगों को ऐसे लक्षणों में खास सावधानी बरतनी चाहिए. लेंस तुरंत निकालकर चश्मे का इस्तेमाल करें और जल्द आंखों की जांच कराएं.

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पलकों पर मोटी परत या पपड़ी क्यों जमती है?

सुबह उठने पर अगर पलकों और पलकों के बालों पर मोटी, चिपचिपी या मोम जैसी पपड़ी नजर आती है और आंखों में जलन या रेत जैसा महसूस होता है, तो इसकी वजह ब्लेफराइटिस हो सकती है. इसमें पलकों के किनारे सूज सकते हैं और आंखें सुबह ज्यादा चिपचिपी महसूस होती हैं. गर्म पानी की पट्टी और पलकों की हल्की सफाई मदद कर सकती है. समस्या बार-बार हो तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.

आंखों में कीचड़ के साथ दर्द हो तो क्या करें?

अगर आंखों के डिस्चार्ज के साथ तेज दर्द, ज्यादा लालिमा, रोशनी देखने में परेशानी या नजर धुंधली होने लगे, तो डॉक्टर से जल्द संपर्क करना चाहिए. कॉर्निया से जुड़ी कुछ समस्याओं में दर्द और रोशनी से संवेदनशीलता जैसे लक्षण हो सकते हैं, इसलिए इन्हें सिर्फ सामान्य कीचड़ समझना ठीक नहीं है.

घर पर आंखों की सफाई कैसे करें?

हल्का कीचड़ होने पर सबसे पहले हाथ अच्छी तरह साफ करें. आंखों पर जमी पपड़ी को गुनगुने पानी में भिगोए साफ कपड़े से धीरे-धीरे नरम करें और फिर आंख के अंदरूनी कोने से बाहर की तरफ साफ करें. दोनों आंखों के लिए अलग कपड़ा या कॉटन इस्तेमाल करें, ताकि संक्रमण फैलने का खतरा कम हो. आरामदायक गर्म पट्टी 5 से 10 मिनट तक दिन में 2 से 3 बार लगाई जा सकती है. आंखों को रगड़ने से बचें और धूल, धुएं तथा एलर्जी पैदा करने वाली चीजों से दूरी रखें.

कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?

अगर आंखों में चिपचिपा कीचड़ 24 से 48 घंटे से ज्यादा बना रहे या बार-बार वापस आए, तो आंखों की जांच कराएं. पीले या हरे रंग का डिस्चार्ज, आंखों का सूजना, आंखों का चिपक जाना, दर्द, धुंधला दिखना या रोशनी से ज्यादा परेशानी जैसे लक्षणों में भी डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वालों में ऐसे लक्षण दिखें तो खास सावधानी जरूरी है.

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