- आज घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम स्थिर रहे.
- भारत 2027 के लिए अमेरिका से एलपीजी आयात बढ़ाएगा.
- सरकारी कंपनियां 2027 तक 15% एलपीजी अमेरिका से खरीदेंगी.
- अमेरिका भारत का सबसे बड़ा एलपीजी आपूर्तिकर्ता बन गया है.
LPG Rate Today on August 14, 2026: आज देश की सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) ने घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है. कमर्शियल गैस सिलेंडर के रेट भी स्थिर रखे गए हैं. हालांकि, महीने की पहली तारीख को इनमें 192 रुपये की बड़ी कटौती की गई थी.
शहरवार LPG की कीमतें
| शहर | 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत | 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत |
| दिल्ली | 942 रुपये | 2,738 रुपये |
| मुंबई | 941.50 रुपये | 2,691.50 रुपये |
| नोएडा | 939.50 रुपये | 2,738 रुपये |
| जयपुर | 945.50 रुपये | 2,765.50 रुपये |
| हैदराबाद | 994.00 रुपये | 2,985.00 रुपये |
| पटना | 1,031.50 रुपये | 3,018.00 रुपये |
| चंडीगढ़ | 951.50 रुपये | 2,760.00 रुपये |
| कोलकाता | 968 रुपये | 2,872.50 रुपये |
देश का क्या है आगे प्लान?
भारत दुनिया के सबसे बड़े LPG उपभोक्ताओं में से एक है और पश्चिम एशिया में तनाव की बीच इसकी कोशिश अपनी सप्लाई के स्रोतों में विविधता लाने की है. इसी के चलते भारत 2027 के लिए सालाना कॉन्ट्रैक्ट के तहत अमेरिका से और ज्यादा लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) हासिल करने के लिए बातचीत कर रहा है.
मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों का हवाला देते हुए ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार ने सरकारी रिफाइनिंग कंपनियों – इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन – को निर्देश दिया है कि वे 2027 के लिए भारत के LPG आयात का कम से कम 15 प्रतिशत हिस्सा अमेरिकी टर्म कॉन्ट्रैक्ट के जरिए हासिल करें.
अमेरिका, भारत के लिए सबसे बड़ा सप्लायर
अमेरिका धीरे-धीरे भारत का सबसे बड़ा LPG सप्लायर बनता जा रहा है. इस साल अगस्त तक वहां से रिकॉर्ड 3.9 मिलियन टन LPG की सप्लाई हुई है. रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी रिफाइनरी कंपनियां संभावित सप्लायर्स और उनके ऑफर्स की जांच-पड़ताल करने के बाद अमेरिकी LPG के लिए एक जॉइंट टेंडर जारी करने की योजना बना रही हैं.
अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की सरकार भारत को एनर्जी एक्सपोर्ट बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, क्योंकि भारत दुनिया के सबसे बड़े तेल और गैस इंपोर्टर्स में से एक है. हालांकि, दोनों देशों के बीच पिछले साल से ट्रेड डील पर चल रही बातचीत पर अभी तक कोई मुहर नहीं लग पाई है.
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