- जियो क्रेडिट में बैंक ऑफ अमेरिका $1.9 अरब निवेश करेगा.
- दो चरणों में कंपनी की 49.9% हिस्सेदारी खरीदेगा BofA.
- इस डील से ग्राहकों को प्रतिस्पर्धी दरों पर ऋण मिलेगा.
Jio-Bank of America Deal: जियो फाइनेंशियल सर्विसेज (JFSL) की लोन देने वाली यूनिट जियो क्रेडिट लिमिटेड (Jio Credit Limited) में बैंक ऑफ अमेरिका (BofA) ने 1.9 अरब डॉलर (करीब 18,268 करोड़ रुपये) का भारी-भरकम निवेश करने का फैसला लिया है. इस सौदे के तहत, बैंक ऑफ अमेरिका, जियो क्रेडिट में 49.9% हिस्सेदारी खरीदेगा.
दो चरणों में होगी डील
यह खरीदारी इक्विटी शेयरों और वारंट के प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के जरिए दो चरणों में की जाएगी. शुरुआती चरण में 6,613 करोड़ रुपये के निवेश से बैंक ऑफ अमेरिका कंपनी में 26.5% हिस्सेदारी खरीदेगा और दूसरे चरण में इसके बाद BofA 11,655 करोड़ रुपये का वारंट सब्सक्राइब करेगा, जिसे 18 महीनों के भीतर शेयरों में कन्वर्ट किया जा सकेगा.
अगर इक्विटी शेयरों और वारंट का पूरा सब्सक्रिप्शन हो जाता है, तो इस निवेश की कुल रकम 18,268 करोड़ रुपये या लगभग 1.9 अरब डॉलर होगी. कुल मिलाकर इस डील से शुरुआत में BofA को Jio Credit में 26.5% इक्विटी हिस्सेदारी मिलेगी, जो वारंट्स के इस्तेमाल पर बढ़कर 49.9% तक हो सकती है. यह डील रेगुलेटरी और कानूनी मंज़ूरी मिलने पर निर्भर करेगी.
कंपनी में दोनों की बराबर हिस्सेदारी
इस डील के बाद Jio Credit के बोर्ड में JFSL और BofA दोनों की बराबर हिस्सेदारी होगी, जबकि मौजूदा मैनेजमेंट टीम NBFC की स्ट्रैटेजी और कामकाज को आगे बढ़ाती रहेगी. JCL को JFSL की फाइनेंशियल रिपोर्टिंग में एक सब्सिडियरी के तौर पर शामिल किया जाता रहेगा. अपने कामकाज के महज दो सालों में, 30 जून 2026 तक Jio Credit की एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 30,667 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है.
आम ग्राहकों पर क्या होगा असर?
बैंक ऑफ अमेरिका के इस बड़े निवेश और उसके ग्लोबल रिस्क मैनेजमेंट के अनुभव से ग्राहकों को आगे आने वाले समय में प्रतिस्पर्धी ब्याज दरों और तेज डिजिटल अप्रूवल के साथ लोन मिलने की उम्मीद है. साथ ही जियो की डिजिटल पहुंच और BofA के 250 साल पुराने बैंकिंग अनुभव से भारत के डिजिटल लोन मार्केट में मुकाबला और तगड़ा होगा.
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