8th वेतन आयोग: केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों की नजर इस समय 8वें वेतन आयोग पर टिकी है. सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगले वेतन आयोग में बेसिक पे कितना होगा और सैलरी कितनी बढ़ सकती है. लेकिन 8वें वेतन आयोग के आंकड़ों पर जाने से पहले ये जानना दिलचस्प है कि आखिर आज 18,000 रुपये तक पहुंची न्यूनतम बेसिक सैलरी का सफर शुरू कहां से हुआ था?
केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी करीब आठ दशकों में 55 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये हो चुकी है. हर वेतन आयोग ने न सिर्फ सैलरी बढ़ाई, बल्कि सरकारी कर्मचारियों के वेतन तय करने के तरीके में भी बदलाव किया.
पहला केंद्रीय वेतन आयोग
पहला वेतन आयोग सन 1946 में लागू हुआ था. यानी देश की आजादी से पहले ही सरकारी कर्मचारियों के वेतन के लिए ये व्यवस्था शुरू हो गई थी. पहले वेतन आयोग में कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 55 रुपये प्रति महीने थी. वहीं अधिकतम बेसिक पे 2,000 रुपये थी.
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दूसरा वेतन आयोग
फिर दूसरा वेतन आयोग सन 1959 में प्रभावी हुआ. इसमें न्यूनतम बेसिक पे को 55 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति महीने कर दिया गया. तब अधिकतम बेसिक सैलरी भी बढ़कर 3,000 रुपये हो गई.
तीसरा वेतन आयोग
तीसरे वेतन आयोग के लागू होने तक न्यूनतम बेसिक पे में और बड़ा बदलाव हुआ. ये आयोग सन 1973 में प्रभावी हुआ और इसके तहत न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़कर 196 रुपये प्रति महीने हो गई. वहीं अधिकतम बेसिक पे 3,500 रुपये तय की गई. महज कुछ दशकों में न्यूनतम बेसिक पे 55 रुपये से बढ़कर करीब 200 रुपये तक तो पहुंच ही गई थी.
चौथा वेतन आयोग
चौथे वेतन आयोग ने न्यूनतम बेसिक सैलरी में एक और बड़ा बदलाव किया. ये आयोग सन 1986 में लागू हुआ और न्यूनतम बेसिक पे बढ़कर 750 रुपये प्रति महीने हो गई. इस आयोग के तहत अधिकतम बेसिक पे 8,000 रुपये तक पहुंच गई.
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पांचवा वेतन आयोग
सन 1996 में लागू हुए पांचवें वेतन आयोग में सरकारी कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी में काफी ज्यादा बढ़ोतरी हुई. इसे 750 रुपये से बढ़ाकर 2,550 रुपये प्रति महीने कर दिया गया. वहीं अधिकतम बेसिक पे 26,000 रुपये तय की गई.
छठा वेतन आयोग
छठा वेतन आयोग 2006 में प्रभावी हुआ. इसमें न्यूनतम बेसिक पे को बढ़ाकर 7,000 रुपये प्रति महीने किया गया. इस आयोग के दौरान अधिकतम बेसिक पे 80,000 रुपये तक पहुंच गई. यानी 5वें से 6वें वेतन आयोग के बीच भी सरकारी कर्मचारियों के वेतन ढांचे में बड़ा बदलाव हुआ.
सातवां वेतन आयोग
अब आते हैं मौजूदा 7वें वेतन आयोग पर. यह 2016 में लागू हुआ और इसमें केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी को बढ़ाकर 18,000 रुपये प्रति महीने कर दिया गया. वहीं अधिकतम बेसिक पे 2.5 लाख रुपये तय की गई. लेकिन 7वां वेतन आयोग सिर्फ सैलरी बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण नहीं था. इसमें सरकारी कर्मचारियों के वेतन स्ट्रक्चर में भी बड़ा बदलाव किया गया.
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आठवे वेतन आयोग
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि 18,000 रुपये के बाद अगला आंकड़ा क्या होगा? अब 8वें वेतन आयोग में न्यूनतम बेसिक पे कितनी होगी ये तय नहीं हुई है. आयोग की सिफारिश आने और सरकार की ओर से उसे मंजूरी मिलने के बाद ही नई बेसिक सैलरी का ऑफिशियल आंकड़ा सामने आएगा.