किस राज्य के लोग खरीदते हैं सबसे ज्यादा गोल्ड, भारतीय घरों में कितने ट्रिलियन सोना छुपा है?

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Indian households Gold News: भारत में सोना सिर्फ गहनों के लिए नहीं, बल्कि बचत और इन्वेस्टमेंट के तौर पर भी काफी पसंद किया जाता है. भारतीय परिवारों के पास जमा सोने का अनुमान इतना बड़ा है कि ये दुनिया के टॉप 10 केंद्रीय बैंकों के कुल गोल्ड रिजर्व से भी ज्यादा बताया जाता है.

एसोचैम, वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल और मॉर्गन स्टेनली की अलग-अलग रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय परिवारों के पास करीब 5 ट्रिलियन डॉलर यानी लगभग 415 लाख करोड़ का सोना हो सकता है. भारत के घरों में मौजूद सोने का स्टॉक दुनिया के बड़े केंद्रीय बैंकों के कुल रिजर्व से ज्यादा है.

किस राज्य में सबसे ज्यादा गोल्ड खरीदा जाता है?

भारत में सोने की खरीदारी के मामले में दक्षिण भारत के राज्यों की हिस्सेदारी काफी बड़ी मानी जाती है. कुल खपत के मामले में तमिलनाडु सबसे आगे है. इसके बाद आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक का स्थान आता है.  इन राज्यों में सोने की मांग काफी ज्यादा रहती है और यहां लोग रिवाज के तौर पर भी सोने की खरीदारी करते हैं.

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सरकार को हुई 10 हजार 463 करोड़ की कमाई

सरकार ने संसद में बताया है कि 13 मई से दो अगस्त 2026 के बीच सोना, चांदी और प्लैटिनम के आयात से सरकार को कुल 10 हजार 463 करोड़ का कस्टम ड्यूटी रेवेन्यू मिला है, इसमें अकेले सोने से 10 हजार 40 करोड़, चांदी से 328 करोड़ और प्लैटिनम से 95 करोड़ रुपए मिले हैं. 

दरअसल ईरान-अमेरिका वॉर के दौरान 13 मई 2026 को सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% कर दी गई थी और प्लैटिनम पर ड्यूटी 6.4% से ज्यादा कर के 15.4% की गई. ड्यूटी ज्यादा होने के बाद गैर कानूनी सोने की तस्करी पर भी कार्रवाई तेज हुई.  13 मई से 30 जून के बीच एजेंसियों ने 160.91 किलो सोना जब्त किया और 116 लोगों को अरेस्ट किया था.

आरबीआई के पास कितना सोना है?

29 मई 2026 तक RBI के पास विदेशी मुद्रा भंडार के हिस्से के रूप में 880.52 टन सोना था. सरकार ने ये भी साफ किया कि RBI ने सोना बेचने की खबरों को गलत बताया था. सरकार ने 2015 में गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम शुरू की थी. इसके अनुसार लोग अपना सोना बैंक में जमा कराकर उस पर ब्याज कमा सकते हैं.  इसका मकसद घरों में पड़े सोने को इकॉनमी में इस्तेमाल करना और सोने के आयात पर भरोसा कम करना है. हालांकि आम जनता सरकार की इस स्कीम में दिलचस्पी नहीं दिखा रही है. 

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