How To Become Guest Faculty: अगर आप टीचिंग के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं और देश की टॉप सेंट्रल यूनिवर्सिटीज जैसे DU, JNU, JMI, या BHU का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो इसके लिए गेस्ट फैकल्टी बनना एक शानदार शुरुआत हो सकती है. सेंट्रल यूनिवर्सिटी में गेस्ट फैकल्टी बनने से न केवल आपको बेहतरीन सैलरी मिलती है, बल्कि आपके CV की वैल्यू भी काफी बढ़ जाती है. लेकिन कई छात्रों और युवाओं को इसकी सही प्रक्रिया मालूम नहीं होती. तो जानते है कि सेंट्रल यूनिवर्सिटी में गेस्ट फैकल्टी बनने के लिए क्या योग्यता चाहिए और इसके लिए आवेदन कैसे किया जाता है?
गेस्ट फैकल्टी बनने के लिए जरूरी योग्यता
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग UGC के नियमों के अनुसार, गेस्ट फैकल्टी बनने के लिए वही योग्यताएं होनी चाहिए जो एक रेगुलर असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए तय की गई होती है. एक असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के लिए आपके पास संबंधित विषय में कम से कम 55% मार्क्स के साथ मास्टर डिग्री होनी चाहिए. साथ ही आपके पास UGC-NET या CSIR-NET परीक्षा पास होने का सर्टिफिकेट होना चाहिए. इसके अलावा जिन उम्मीदवारों ने साल 2009 या 2016 के UGC रेगुलेशन के तहत अपनी Ph.D डिग्री पूरी कर ली है, उन्हें NET परीक्षा से छूट मिल सकती है.
कैसे करें आवेदन?
सेंट्रल यूनिवर्सिटीज में गेस्ट फैकल्टी की भर्ती साल भर जरूरत के हिसाब से अलग-अलग विभागों द्वारा निकाली जाती है. इसके लिए ज्यादातर यूनिवर्सिटीज इसके लिए कोई लंबी लिखित परीक्षा नहीं लेतीं. वे सीधे एक विज्ञापन जारी करती हैं और इंटरव्यू की तारीख तय कर देती हैं. इसके बाद आपको तय समय पर अपने सभी ओरिजिनल डॉक्यूमेंट्स और रेज्यूमे CV के साथ सीधे इंटरव्यू के लिए पहुंचना होता है. इसके अलावा कुछ यूनिवर्सिटीज इंटरव्यू से पहले अपनी वेबसाइट पर ऑनलाइन गूगल फॉर्म या एप्लीकेशन पोर्टल के जरिए आवेदन मांगती हैं.
वैकेंसी की जानकारी कहा मिलेगी
इसके लिए जिस भी सेंट्रल यूनिवर्सिटी में आप पढ़ाना चाहते हैं, उसकी वेबसाइट के Recruitment’ या ‘Vacancy सेक्शन को लगातार चेक करते रहें. साथ ही कई बार बैकेंसी को लेकर बड़े राष्ट्रीय अखबारों और रोजगार समाचार में इसके विज्ञापन पब्लिश किए जाते हैं, इसलिए रोज अखबारों पर नजर बनाए रखें.
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कितनी मिलती है सैलरी?
सैलरी के मामले में सेंट्रल यूनिवर्सिटीज काफी बेहतर होती हैं. UGC के नियमों के मुताबिक, गेस्ट फैकल्टी को हर लेक्चर के हिसाब से पैसे मिलते हैं. जैसे प्रति लेक्चर 1,500 रुपये तक दिए जाते हैं. जिससे गेस्ट फैकल्टी को एक महीने में अधिकतम 50 हजार रुपये तक का भुगतान किया जा सकता है.
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