क्या है अनाथ और विधवा सेस, जिससे बढ़ गए पेट्रोल-डीजल के दाम, किन-किन राज्यों में लागू?

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Orphan And Widow Cess: हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल और डीजल भरवाना अब थोड़ा महंगा हो गया है. राज्य सरकार ने कल यानी 11 अगस्त की आधी रात से पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल पर 60 पैसे प्रति लीटर अनाथ और विधवा सेस लागू कर दिया है. ये सेस राज्य में पेट्रोल और डीजल की पहली बिक्री के समय वसूला जाएगा. सरकार का कहना है कि इससे मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल अनाथ बच्चों और विधवाओं के कल्याण से जुड़ी योजनाओं में किया जाएगा. यानी आम लोगों से पेट्रोल और डीजल की खरीद पर लिया जाने वाला ये एक्स्ट्रा पैसा वेलफेयर फंड में जाएगा. 

कितना महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल?
60 पैसे प्रति लीटर के नए सेस के लागू होने के बाद हिमाचल में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ गए हैं. शिमला में पेट्रोल की कीमत बढ़कर करीब 103.27 रुपये प्रति लीटर और डीजल का भाव करीब 95.21 रुपये प्रति लीटर हो गया है. इसका मतलब है कि अगर कोई 50 लीटर पेट्रोल भरवाता है तो सिर्फ इस नए सेस के हिसाब से उसे करीब 30 रुपये ज्यादा देने होंगे. हालांकि, पेट्रोल-डीजल की अंतिम कीमत में राज्य के दूसरे टैक्स और स्थानीय कीमतें भी शामिल होती हैं.

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अनाथ और विधवा सेस क्या होता है?
अगर आप नहीं जानते हैं कि अनाथ और विधवा सेस क्या है तो बता दें कि सेस यानी किसी खास उद्देश्य के लिए लगाया जाने वाली एक्स्ट्रा फीस. हिमाचल सरकार ने अनाथ और विधवा सेस को खास तौर पर अनाथ और विधवाओं की भलाई के लिए बनाया है. हिमाचल प्रदेश मूल्य वर्धित कर अधिनियम, 2026 के तहत इस सेस से मिलने वाली रकम को ऑर्फन एंड विडो वेलफेयर फंड  में जमा किया जाएगा और इसका इस्तेमाल अनाथों और विधवाओं के कल्याण के लिए किया जाएगा. 

क्या दूसरे राज्यों में भी लगता है ऐसा सेस?
अनाथ और विधवा सेस के नाम से पेट्रोल-डीजल पर लगाया गया ये खास सेस हिमाचल प्रदेश में ही है. दूसरे राज्यों में पेट्रोल और डीजल पर अलग-अलग तरह के वैट, सेस या सरचार्ज हो सकते हैं, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि वहां भी यही अनाथ और विधवा सेस ही लागू होगा. 

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