Why Stainless Steel Pans Turn Rainbow Colors: अगर आपके स्टील के बर्तन या पैन पर कभी नीले, बैंगनी, सुनहरे या इंद्रधनुष जैसे निशान दिखाई दिए हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है. कई लोग ऐसे निशान देखकर सोचते हैं कि बर्तन जल गया है, खराब हो गया है या अब इसमें खाना बनाना सुरक्षित नहीं है. लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है. स्टील के बर्तनों पर दिखने वाले ये रंगीन निशान आमतौर पर ज्यादा गर्मी की वजह से बनते हैं और सामान्य तौर पर नुकसानदायक नहीं होते.
इन निशानों को आमतौर पर ‘हीट टिंट’ कहा जाता है. जब स्टील को बहुत ज्यादा तापमान पर गर्म किया जाता है, तो उसमें मौजूद क्रोमियम हवा में मौजूद ऑक्सीजन के संपर्क में आता है. इससे स्टील की सतह पर एक बहुत पतली परत बनती है. इसी परत की मोटाई के हिसाब से रोशनी अलग तरह से दिखाई देती है और बर्तन पर नीला, बैंगनी, सुनहरा या इंद्रधनुष जैसा रंग नजर आने लगता है. यह बदलाव सिर्फ बर्तन की ऊपरी सतह के रंग में होता है और इसका मतलब यह नहीं है कि बर्तन अंदर से खराब हो गया है.
भारतीय किचन में ऐसे निशान ज्यादा क्यों दिखते हैं?
भारतीय खाना बनाते समय अक्सर तेज आंच का इस्तेमाल होता है. तड़का लगाना, तेल को अच्छी तरह गर्म करना, पनीर या दूसरी चीजों को तेज आंच पर भूनना और जल्दी-जल्दी सब्जियां पकाना जैसी चीजों में बर्तन काफी गर्म हो जाता है. ऐसे में स्टील के बर्तन पर हीट टिंट बनने की संभावना बढ़ जाती है. अगर खाली बर्तन को लंबे समय तक तेज आंच पर रखा जाए, तो भी ऐसे निशान जल्दी बन सकते हैं. खासकर मोटे और अच्छी गुणवत्ता वाले स्टील के बर्तन गर्मी को ज्यादा देर तक बनाए रखते हैं, इसलिए उनकी सतह पर रंग बदलना दिखाई दे सकता है.

क्या ऐसे रंगीन निशान वाले बर्तन में खाना बनाना सुरक्षित है?
हां, आमतौर पर ऐसे निशान नुकसानदायक नहीं होते. इनका मतलब यह नहीं है कि बर्तन से कोई जहरीली चीज निकल रही है या खाना खराब हो जाएगा. स्टील की सतह पर बनने वाली यह परत उसकी प्राकृतिक सुरक्षा का हिस्सा होती है. इसलिए सिर्फ इंद्रधनुष जैसे रंग दिखाई देने की वजह से बर्तन को फेंकने की जरूरत नहीं है. हालांकि, खाली बर्तन को बार-बार बहुत तेज आंच पर गर्म करने से बचना चाहिए. ज्यादा गर्मी से निशान और गहरे हो सकते हैं और बर्तन में गर्मी समान रूप से फैलने में परेशानी हो सकती है. इसलिए खाना बनाते समय आंच को जरूरत के हिसाब से रखना बेहतर है.
स्टील के बर्तन से इंद्रधनुष जैसे निशान कैसे हटाएं?
अगर ये निशान नुकसानदायक नहीं हैं, फिर भी आपको बर्तन का पुराना चमकदार रूप वापस चाहिए, तो इन्हें आसानी से साफ किया जा सकता है.

सफेद सिरके से करें सफाई
सबसे आसान तरीकों में से एक है सफेद सिरका. बर्तन के रंग बदले हुए हिस्से पर थोड़ा सफेद सिरका डालें और करीब एक मिनट के लिए छोड़ दें. इसके बाद मुलायम कपड़े या नरम स्पंज से हल्के हाथ से पोंछें. फिर बर्तन को साफ पानी से धोकर अच्छी तरह सुखा लें. सिरके की हल्की अम्लीय प्रकृति स्टील की सतह पर बनी उस परत को हटाने में मदद करती है.
नींबू से भी चमक वापस ला सकते हैं
अगर घर में सिरका नहीं है, तो नींबू का रस इस्तेमाल किया जा सकता है. रंग बदली हुई जगह पर नींबू का रस लगाएं और थोड़ी देर के लिए छोड़ दें. इसके बाद मुलायम कपड़े से पोंछें और पानी से धो लें. यह तरीका भी सिरके की तरह सतह पर बनी परत को हटाने में मदद करता है.
स्टील क्लीनर भी आएगा काम
बाजार में मिलने वाले हल्के स्टील क्लीनर का इस्तेमाल भी किया जा सकता है. इसे लगाने के बाद मुलायम कपड़े से बर्तन को धीरे-धीरे साफ करें. बहुत खुरदरे स्क्रबर या स्टील की जाली से रगड़ने से बचें, क्योंकि इससे बर्तन की सतह पर खरोंच आ सकती है.
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आगे से निशान न पड़ें, इसके लिए क्या करें?
अगर आप चाहते हैं कि स्टील के बर्तन पर ऐसे निशान कम बनें, तो खाली बर्तन को लंबे समय तक तेज आंच पर गर्म न करें. खाना बनाने के लिए बहुत तेज आंच के बजाय मध्यम आंच का इस्तेमाल करें. बर्तन गर्म होने के बाद जरूरत के अनुसार तेल डालें और खाना बनाने के बाद बर्तन को ज्यादा देर तक गर्म चूल्हे पर न छोड़ें. यह भी ध्यान रखें कि इंद्रधनुष जैसे चिकने और चमकदार निशान दूसरे तरह के दाग से अलग होते हैं. सफेद दाग अक्सर पानी में मौजूद खनिजों की वजह से हो सकते हैं, जबकि भूरे दाग जले हुए तेल और काले निशान जले हुए खाने के अवशेष की वजह से बन सकते हैं.
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