उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है. एक अक्टूबर से जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण सर्टिफिकेट यानी PUC के गाड़ियों को पेट्रोल या डीजल नहीं दिया जाएगा. पेट्रोल पंपों को निर्देश दिए गए हैं कि वह ईंधन देने से पहले कार, बाइक और ट्रकों का पीयूसी सर्टिफिकेट जरूर चेक करें. जिनके पास वैध सर्टिफिकेट नहीं होगा, उन्हें बिना पेट्रोल और डीजल लिए ही वापस लौटना पड़ेगा.
जिले के सभी पेट्रोल पंप भी इस व्यवस्था को सख्ती से लागू करने के लिए पूरी तैयारी कर रहे हैं. उन्होंने पेट्रोल पंपों पर सुरक्षा के लिए डीएसओ ने एसएसपी से मांग की है.
कैसे चलेगी नई व्यवस्था
इस व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए पेट्रोल पंप संचालकों के मोबाइल फोन में एक ऐप इंस्टॉल की गई है, जिसमें ऑटोमैटिक नंबर प्लेट को पहचानने वाला कैमरा है. जब भी कोई गाड़ी पंप पर पेट्रोल भरवाने के लिए आएगी तो पंप कर्मचारी इसके जरिए नंबर प्लेट की फोटो खींचेंगे. फोटो के अपलोड होने के साथ ही गाड़ी की सारी डीटेल्स सामने होंगी.
अगर उस गाड़ी का PUC नहीं किया गया होगा, यानी चालक के पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र नहीं होगा, तो उसे पेट्रोल- डीजल देने से साफतौर पर मना कर दिया जाएगा. ये नियम लागू होने के बाद हो सकता है कि पेट्रोल पंप कर्मचारियों और ग्राहकों के बीच कुछ बहस की स्थिति बने, लेकिन इससे बचने के लिए प्रशासन की मदद ली जाएगी.
पर्यावरण सुरक्षा की ओर कदम
बता दें कि ये कदम पर्यावरण संरक्षण के लिए भी बेहद जरूरी है. ऐसे में वाहन चालकों से भी मांग की जा रही है कि वो समय के साथ अपनी गाड़ी का PUC करवाएं और उसे समय के साथ अपडेट भी करवाते रहें. जिससे कि उन्हें गाड़ी में पेट्रोल या डीजल भरवाते समय किसी भी परेशानी का सामना ना करना पड़े.
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