How To Clean Brass And Copper Utensils At Home: पीतल और तांबे के बर्तन भारतीय घरों का हिस्सा सदियों से रहे हैं. पूजा की थाली हो, घर में रखे सजावटी सामान हों या फिर दादी-नानी के जमाने के पुराने बर्तन, इन धातुओं की अपनी अलग चमक और खूबसूरती होती है. लेकिन समय के साथ इनकी चमक फीकी पड़ने लगती है. हवा, नमी और रोजाना इस्तेमाल के कारण तांबे और पीतल के बर्तन धीरे-धीरे काले और दागदार दिखाई देने लगते हैं.
खासकर पुराने बर्तनों को देखकर ऐसा लगता है कि इन्हें दोबारा चमकाने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ेगी. कई लोग इन्हें नींबू, नमक या इमली से रगड़कर साफ करते हैं. इससे हल्के दाग तो निकल जाते हैं, लेकिन जिद्दी कालापन हटाने में काफी समय और मेहनत लग सकती है. अगर आप भी पीतल और तांबे के बर्तनों को बिना ज्यादा घिसे चमकाना चाहते हैं, तो एक आसान तरीका आपके काम आ सकता है.
दरअसल, बाजार में पीतल और तांबे की सफाई के लिए खास तौर पर बनाए गए क्लीनिंग पाउडर मिलते हैं. इनमें पितांबरी शाइनिंग पाउडर भी काफी इस्तेमाल किया जाता है. इसे खासतौर पर तांबे और पीतल की सतह पर जमी गंदगी, कालापन और धब्बे हटाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. इसकी मदद से बर्तनों को लंबे समय तक घिसने की जरूरत नहीं पड़ती और कुछ ही मिनटों में उनकी चमक वापस लाई जा सकती है.

क्यों काले पड़ जाते हैं तांबे और पीतल के बर्तन?
दरअसल, तांबा और पीतल हवा में मौजूद ऑक्सीजन और नमी के संपर्क में आने पर धीरे-धीरे प्रतिक्रिया करते हैं. इसे ऑक्सीडेशन कहा जाता है. इसी वजह से बर्तनों की सतह पर एक गहरी परत जमने लगती है और उनका रंग काला या मटमैला दिखाई देने लगता है. इसके अलावा खाना पकाने के दौरान तेल और मसालों का संपर्क, बर्तन धोने के बाद बची नमी, लंबे समय तक बर्तनों को इस्तेमाल न करना और ज्यादा नमी वाली जगह पर रखना भी उनकी चमक कम कर सकता है. नींबू, इमली और सिरका जैसी खट्टी चीजों के लगातार संपर्क में आने से भी धातु की सतह पर असर पड़ सकता है.
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पीतल और तांबे के बर्तन चमकाने का आसान तरीका
अगर बर्तन बहुत ज्यादा काले या दागदार नहीं हैं, तो घर पर ही पितांबरी शाइनिंग पाउडर की मदद से उन्हें साफ किया जा सकता है. इसके लिए सबसे पहले बर्तन की सतह पर थोड़ी मात्रा में पाउडर लें. इसमें थोड़ा सा पानी मिलाकर हल्का पेस्ट बना लें. अब इस पेस्ट को बर्तन की पूरी सतह पर अच्छी तरह लगा दें. इसके बाद उंगलियों, मुलायम कपड़े, स्पंज या सॉफ्ट स्क्रबर की मदद से हल्के हाथों से गोल-गोल घुमाते हुए साफ करें. बहुत ज्यादा जोर लगाकर रगड़ने की जरूरत नहीं है. अगर किसी हिस्से पर कालापन या दाग ज्यादा जिद्दी है, तो पेस्ट को करीब 1-2 मिनट के लिए लगा रहने दें.

इसके बाद बर्तन को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें और तुरंत सूखे, साफ कपड़े से पोंछ दें. बर्तन सूखने के बाद उसकी सतह पर पहले से ज्यादा चमक नजर आ सकती है. इस तरीके की खास बात यह है कि आपको लंबे समय तक बर्तन को घिसने की जरूरत नहीं पड़ती.
नींबू-नमक और इमली से भी करते हैं सफाई
पीतल और तांबे के बर्तनों को साफ करने के लिए कई घरों में नींबू और नमक का इस्तेमाल भी किया जाता है. नींबू की खटास और नमक की हल्की रगड़ सतह पर जमी गंदगी हटाने में मदद कर सकती है. हालांकि, अगर बर्तन पर काफी पुराना कालापन जमा है, तो इसे हटाने में ज्यादा मेहनत लग सकती है.
इसी तरह इमली का इस्तेमाल भी पुराने समय से पीतल और तांबे के बर्तन साफ करने के लिए किया जाता रहा है. इमली का पेस्ट लगाकर कुछ देर रखने के बाद बर्तन को साफ किया जाता है. लेकिन इसमें पेस्ट तैयार करने और बाद में अच्छी तरह सफाई करने में समय लग सकता है.
सफाई करते समय इन बातों का रखें ध्यान
तांबे और पीतल के बर्तनों को साफ करते समय बहुत ज्यादा खुरदरे स्क्रबर या स्टील वूल का इस्तेमाल करने से बचें. इससे बर्तन की सतह पर खरोंच आ सकती है. किसी भी क्लीनिंग प्रोडक्ट को जरूरत से ज्यादा देर तक बर्तन पर लगा न छोड़ें और इस्तेमाल के बाद उसे साफ पानी से अच्छी तरह धो लें. बर्तन धोने के बाद उन्हें गीला छोड़ने के बजाय साफ कपड़े से अच्छी तरह सुखाना भी जरूरी है. इससे नमी के कारण दोबारा दाग और धब्बे बनने की संभावना कम हो सकती है. अगर आपके घर में पुराने पीतल या तांबे के बर्तन रखे हैं और उनकी चमक पूरी तरह गायब हो गई है, तो उन्हें फेंकने या नया खरीदने की जरूरत नहीं है. सही तरीके से सफाई करने पर उनकी पुरानी चमक काफी हद तक वापस लाई जा सकती है.
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