चीनी को लेकर सरकार का बड़ा फैसला, स्टॉक रखने की लिमिट की फिक्स

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त्यौहारों के मौसम में चीनी के दाम बढ़ने के कारण जनता काफी परेशान है. ऐसे में सरकार तमाम कोशिशें कर रही है कि वो कैसे भी करके चीनी के दामों को कंट्रोल कर सके. इसी कड़ी में हाल ही में सरकार ने एक बड़ा फैसला किया है. इस फैसले के तहत अब डीलर अपने स्टॉक में केवल 1,000 क्विंटल चीनी ही रख सकेंगे. सरकार के द्वारा ये फैसला गुरुवार को ही किया गया है. नियम 15 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 तक लागू रहेगा.

सरकार के इस फैसले के बाद चीनी की कीमतों में और भी ज्यादा कमी देखने को मिल सकती है. अगस्त के महीने में ही चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब 15% तक कम हुई थी. वहीं, चीनी मिलों से निकलने वाली कीमत यानी एक्स-मिल कीमत में भी करीब 28% की गिरावट देखने को मिली थी. हालांकि पिछले तीन महीनों से ये कीमतें स्थिर बनी हुई हैं.

इन राज्यों में ज्यादा है लिमिट
देशभर में डीलरों के स्टॉक रखने की लिमिट 1000 क्विंटल है, लेकिन कोलकाता और उसके आसपास के विस्तारित महानगरीय क्षेत्र और असम के लिए ये सीमा 2000 क्विंटल होगी. सरकार ने इन क्षेत्रों की अलग जरूरतों को देखते हुए ये छूट दी है. सरकार के इस फैसले के बाद अब डीलर अपने पास चीनी का स्टॉक अधिकतम 15 दिन तक ही रह सकेगा.

क्यों लिया गया फैसला?
इस फैसले के पीछे का कारण भी सरकार ने बताया है, जिसमें कहा गया है कि चीनी की मात्रा और उसे रखने की अवधि सीमित करने से बाजार में चीनी की बेवजह जमाखोरी नहीं होगी. इससे चीनी मिलों से डीलरों और फिर ग्राहकों तक इसकी सप्लाई आसानी से जारी रहेगी. इस कदम का मकसद जमाखोरी, सट्टेबाजी और चीनी का जरूरत से ज्यादा स्टॉक जमा करने पर रोक लगाना है.

पहले भी घटाई जा चुकी है स्टॉक सीमा
सरकार ने इससे पहले अगस्त में डीलरों के लिए देशभर में 4000 क्विंटल चीनी रखने की सीमा तय की थी. तब डीलरों को चीनी मिलने की तारीख से अधिकतम 30 दिन तक स्टॉक रखने की अनुमति थी. इसके बाद 15 सितंबर से सीमा घटाकर 2000 क्विंटल कर दी गई. अब 15 अक्टूबर से इसे और घटाकर 1000 क्विंटल किया जा रहा है.

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