विमल इलायची एक बार फिर सुर्खियों में है. महाराष्ट्र FDA ने शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को विमल इलायची के विज्ञापन को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया है. FDA का सवाल है कि क्या इलायची के नाम पर चलाया जा रहा ये कैंपेन बैन हो रखे विमल पान मसाला का अप्रत्यक्ष और सरोगेट विज्ञापन है.
महाराष्ट्र में तंबाकू और निकोटीन वाले गुटखा और पान मसाला पर बैन है. FDA का कहना है कि विज्ञापन की प्रस्तुति, ब्रांड नाम और बाजार में मौजूदगी को देखते हुए विमल इलायची का प्रचार बैन हो रखे पान मसाला ब्रांड से सीधा कनेक्टेड है. इसी बेसिस पर खाद्य सुरक्षा कानून की विज्ञापन संबंधी धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है. लेकिन इस मामले के बीच बड़ा सवाल ये है कि आखिर विमल कंपनी का कारोबार कितना बड़ा है?
कितना है ऑपरेटिंग रेवेन्यू रेंज?
ट्रैक्सन पर कंपनी डेटा के अनुसार विष्णु एंड कंपनी ट्रेडमार्क्स प्राइवेट लिमिटेड का नए फाइनेंसियल साल के लिए ऑपरेटिंग रेवेन्यू रेंज 100 करोड़ से 500 करोड़ रुपए के बीच है. ये आंकड़ा विमल इलायची की बिक्री या पूरे विमल ब्रांड का टर्नओवर नहीं है. डेटाबेस द कंपनी चेक के अनुसार, विष्णु एंड कंपनी ट्रेडमार्क्स प्राइवेट लिमिटेड का FY2025 रेवेन्यू करीब 140.73 करोड़ रहा. यानी पब्लिक डेटाबेस बताते हैं कि कंपनी का कारोबार 100 करोड़ रुपये से ऊपर का है. यहां ये समझना जरूरी है कि विमल ब्रांड का पूरा कारोबार और किसी एक कानूनी इकाई का रेवेन्यू एक ही चीज नहीं हैं.
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विमल इलायची की क्यों है चर्चा?
विमल इलायची का विज्ञापन लंबे समय से बॉलीवुड एक्टर्स कर रहे हैं. शाहरुख खान और अजय देवगन के अलावा टाइगर श्रॉफ भी इस कैंपेन का हिस्सा हैं. अब महाराष्ट्र FDA ने इन्हीं तीनों एक्टर्स को नोटिस जारी किया है. FDA के अनुसार, विज्ञापन में विमल नाम, पैकेजिंग और कैंपेन ऐसी है कि ये विमल पान मसाला का भी विज्ञापन लगता है. नियामक ने इसे सरोगेट प्रमोशन के तौर पर देखा है. नोटिस में एक्टर्स से इस मामले में जवाब मांगा गया है और प्रचार को हटाने को लेकर भी निर्देश दिए गए हैं. रिपोर्टों के मुताबिक FDA ने सोशल मीडिया से प्रोमोशनल कॉन्टेंट हटाने के लिए 15 दिन का समय दिया है.
पहले भी घेरे में आ चुका है विमल कैंपेन?
विमल से जुड़े विज्ञापन को लेकर ये पहली विवाद नहीं है. इससे पहले भी इसे लेकर सवाल उठ चुके हैं. 2018 में DGHS ने विष्णु पाउच पैकेजिंग प्राइवेट लिमिटेड को नोटिस जारी किया था. उस मामले में आरोप था कि विमल ब्रांड के जरिए तंबाकू उत्पाद के अप्रत्यक्ष प्रमोशन की कोशिश की जा रही है. कंपनी ने उस कार्रवाई को चुनौती देते हुए कहा था कि वो घरेलू बाजार में विमल ब्रांड के तहत तंबाकू उत्पाद नहीं बना रही है. बाद में ये मामला अदालत तक पहुंचा और जनवरी 2024 में दिल्ली हाई कोर्ट ने DGHS की अपील खारिज कर दी थी.
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कितना बड़ा है विमल का कारोबार?
उपलब्ध कंपनी डेटा के बेसिस पर विष्णु एंड कंपनी ट्रेडमार्क्स प्राइवेट लिमिटेड का ऑपरेटिंग रेवेन्यू रेंज 100 से 500 करोड़ बताया गया है, जबकि एक दूसरे डेटाबेस ने FY2025 रेवेन्यू करीब 140.73 करोड़ रुपए रिपोर्ट किया है. हालांकि, इन आंकड़ों को विमल ब्रांड का कुल कारोबार नहीं कह सकते हैं. कंपनी के स्तर के रेवेन्यू और किसी खास ब्रांड या प्रोडक्ट की बिक्री में अंतर होता है. इसलिए आंकड़ों से इतना कहा जा सकता है कि विमल से जुड़ी संबंधित कंपनी 100 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार कर रहे हैं, लेकिन पूरे विमल कारोबार का सटीक सालाना टर्नओवर पब्लिक डेटा से जानना मुश्किल है.
फिलहाल, महाराष्ट्र FDA की कार्रवाई ने एक बार फिर विमल इलायची और सरोगेट विज्ञापन की बहस को तेज कर दिया है. अब नजर इस बात पर होगी कि शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ नोटिस का क्या जवाब देते हैं और FDA इस मामले में आगे क्या कार्रवाई करता है.