देशभर में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्रों को मिलने वाली पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप को लेकर बड़ा बदलाव हो सकता है. इस योजना के तहत एलिजिबिलिटी तय करने के लिए पेरेंट्स की सालाना आय की सीमा पिछले एक दशक से ज्यादा समय से नहीं बदली है. अब सरकार इस समय सीमा को बढ़ाने पर विचार कर रही है. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की एक अधिकारी के अनुसार आय सीमा बढ़ाकर 4.5 लाख रुपये सालाना करने का प्रस्ताव है. मौजूदा व्यवस्था में एससी और एसटी छात्रों की पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के लिए अभिभावकों की वार्षिक आय की अधिकतम सीमा 2.5 लाख रुपये हैं. वहीं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय और जनजातीय कार्य मंत्रालय ने आखिरी बार 2013 में इस सीमा में बदलाव किया था. उस समय इसे 2 लाख से बड़ा कर 2.5 लाख रुपये किया गया था.
स्कॉलरशिप योजना के दिशा-निर्देशों में आय सीमा की समीक्षा हर 2 साल में किए जाने के बाद कही गई है. इसके बावजूद 2013 के बाद इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है. इसी मुद्दे को लेकर एससी-एसटी और दूसरे वंचित वर्गों के लिए काम करने वाले कई संगठनों ने सरकार के सामने आय सीमा बढ़ाने की मांग रखी है. इन संगठनों का कहना है कि लंबे समय से आय सीमा में संशोधन नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में जरूरतमंद छात्र योजना के दायरे से बाहर हो सकते हैं.
EWS आय सीमा से की जा रही तुलना
डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर नेशनल एसोसिएशन ऑफ इंजीनियर्स नेशनल कन्फेडरेशन ऑफ दलित ऑर्गेनाइजेशन और नेशनल कैंपेन फॉर दलित ह्यूमन राइट्स ने एससी, एसटी स्कॉलरशिप की आय सीमा को EWS की आय सीमा से जोड़कर सवाल उठाए हैं. BANAE के अध्यक्ष नाग सेन सोनारे का कहना है कि स्कॉलरशिप की आय सीमा में महंगाई और कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर बदलाव होना चाहिए. उनके अनुसार पिछले 11 वर्षों में करीब 6 बार संशोधन किया जाना चाहिए था. सोनारे ने एससी-एसटी छात्रों के लिए पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप की आय सीमा को कम से कम 12 लाख रुपये सालाना करने की मांग की है, ताकि ज्यादा छात्र इस योजना का लाभ उठा सके.
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संगठनों ने उठाए अलग-अलग सवाल
NACDOR के अध्यक्ष अशोक भारती ने आरोप लगाया है कि सरकार आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग और एससी-एसटी वर्ग के गरीब छात्रों की पहचान के लिए अलग-अलग आय मानदंड अपना रही है. उनका कहना है कि गरीब छात्रों के लिए आय सीमा तय करने में समान व्यवस्था होनी चाहिए. वहीं NCDHR की सचिव बीना जे पल्लीकल ने आय सीमा में बदलाव में हो रही देरी पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि कई संगठनों ने सरकार को आय सीमा बढ़ाकर 8 लाख रुपये करने के लिए ज्ञापन दिए हैं, लेकिन अभी तक इस पर फैसला नहीं हुआ है.
2026-27 से हो सकता है बदलाव
लगातार हो रही मांग की के बाद अब सरकार की ओर से आय सीमा बढ़ाने की तैयारी के संकेत मिल रहे हैं. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की अधिकारी के अनुसार एससी-एसटी पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप की आय सीमा 2.5 लाख रुपये से बढ़कर 4.5 लाख रुपये का करने का प्रस्ताव है. वहीं यह बदलाव 2026-27 सत्र से लागू करने की योजना बताई जा रही है. हालांकि इस प्रस्ताव को अंतिम रूप देने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी जरूरी होगी.
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