UGC NET Controversy: UGC-NET जून 2026 परीक्षा में सामने आई गड़बड़ियों के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में बड़े स्तर पर सुधार की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने सोमवार को उच्च शिक्षा विभाग के सचिव, NTA के महानिदेशक और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर परीक्षा व्यवस्था में किए जा रहे बदलावों की समीक्षा की.
सामने आया है कि विवादों में घिरी NTA से अब तक 50 अधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है. 24 जुलाई 2026 को NTA के 47 अधिकारियों को निकाला था, इस 50 की संख्या में वो भी शामिल हैं. यानि आज 3 अन्य अधिकारियों को निकाला गया है.
10 नए प्रोफेशनल्स की भर्ती
शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, NTA से अब तक 50 से ज्यादा कर्मचारियों को हटाया जा चुका है. इसके साथ ही एजेंसी में विशेषज्ञता बढ़ाने के लिए 10 नए प्रोफेशनल नेतृत्व पदों पर नियुक्तियां की जा रही हैं. इनमें Chief Technology Officer, Chief Finance Officer, Chief Information Security Officer, General Manager-Test Security और General Manager-R&D and Psychometrics जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल हैं.
NTA अब साइबर सिक्योरिटी, साइकोमेट्रिक्स, प्रश्नपत्र तैयार करने और परीक्षा से जुड़े अन्य विशेषज्ञ क्षेत्रों के लिए निजी क्षेत्र के डोमेन एक्सपर्ट्स को भी अपने साथ जोड़ रहा है. इसका उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया में तकनीकी और विषय विशेषज्ञता को मजबूत करना है.
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तीन विषयों में पाई गई थी गड़बड़ी
यह बदलाव ऐसे समय में किया जा रहा है जब UGC-NET जून 2026 परीक्षा के दौरान कई विषयों में बार-बार पूछे गए सवालों के साथ-साथ तथ्यात्मक, व्याकरण संबंधी और अनुवाद की गलतियां सामने आई थीं. इन गड़बड़ियों के बाद NTA ने Englिish, Commerce और Sociology विषयों की दोबारा परीक्षा कराने का फैसला किया है. ये री-एग्जाम 9 और 10 सितंबर 2026 को आयोजित होंगे. परीक्षा दोबारा कराने के लिए उम्मीदवारों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा और इन विषयों में क्वालिफाइंग उम्मीदवारों की संख्या या विषयवार आवंटन को कम नहीं किया जाएगा.
मंत्रालय की ओर से पहले यह भी बताया गया था कि NTA प्रश्नपत्र तैयार करने, मॉडरेशन, अनुवाद और कंपोजिंग की पूरी प्रक्रिया को मजबूत करेगा, ताकि इस तरह की गलतियां स्रोत स्तर पर ही रोकी जा सकें और लापरवाही की जिम्मेदारी तय की जा सके.
शिक्षा मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट
सोमवार की बैठक में शिक्षा मंत्री ने NTA को परीक्षा से जुड़े सभी स्थापित प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. साथ ही Confidential Operations (CONOPS) की पूरी व्यवस्था में बदलाव करने को कहा गया है. इसके तहत सुरक्षित और अलग कमरे, air-gapped computer systems यानी बाहरी नेटवर्क से अलग सिस्टम और परीक्षा से जुड़े उपकरणों को जमा कराने के लिए सख्त device-deposit protocols लागू किए जाएंगे.
मंत्री ने इन बदलावों को युद्धस्तर पर लागू करने के निर्देश दिए हैं. NTA को परीक्षा प्रक्रिया के हर चरण का विस्तृत ऑडिट कराने और उसमें सामने आने वाली कमियों को दूर करने के लिए उठाए गए corrective actions की रिपोर्ट शिक्षा मंत्रालय को सौंपने को कहा गया है. मंत्रालय का कहना है कि इन सुधारों का उद्देश्य NTA की परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना है, ताकि भविष्य में प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर परीक्षा आयोजित करने तक किसी भी स्तर पर होने वाली चूक को रोका जा सके.
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