सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए आने वाले दिनों में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. GST काउंसिल की 7 अक्टूबर की बैठक में सोना, चांदी और प्लैटिनम के आयात पर बैंकों और सरकार द्वारा नामित एजेंसियों को मिलने वाली IGST छूट खत्म करने के प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है. अभी इन धातुओं के आयात पर 3 फीसदी IGST लगता है, लेकिन कुछ बैंकों और नामित एजेंसियों को इससे छूट मिली हुई है.
अगर ये प्रस्ताव मंजूर होता है तो इन संस्थाओं को भी आयात के समय 3 फीसदी IGST देना होगा. वैसे, इसका मतलब ये नहीं है कि अगले दिन से दुकानों पर सोने-चांदी की कीमत सीधे 3 फीसदी बढ़ जाएगी. कीमत पर कितना असर होगा, आइये यहां से समझते हैं.
अभी क्या नियम है?
फिलहाल सोना, चांदी और प्लैटिनम आयात करने पर 3 फीसदी IGST का प्रावधान है. लेकिन सरकार की ओर से तय बैंकों और नामित एजेंसियों को इस टैक्स से छूट दी गई है. ये छूट 2017 में दी गई थी, जब कीमती धातुओं का आयात और कारोबार ज्यादा नियंत्रित व्यवस्था के तहत होता था. अब सरकार इस व्यवस्था को बदलने पर विचार कर रही है.
प्रस्ताव का एक मकसद ये भी है कि बैंकों और नामित एजेंसियों तथा बुलियन एक्सचेंजों के लिए टैक्स व्यवस्था एक जैसी हो. यानी कारोबार के अलग-अलग रास्तों के बावजूद टैक्स के मामले में ज्यादा समानता लाई जा सके.
सरकार क्यों खत्म करना चाहती है छूट?
इसका एक बड़ा कारण सोने-चांदी के आयात से देश से बाहर जाने वाला विदेशी मुद्रा भंडार है. भारत में सोने की मांग काफी ज्यादा है और इसका बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा होता है. आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल से अगस्त 2026 के दौरान भारत का सोना आयात 3.38 फीसदी बढ़कर 17.47 अरब डॉलर हो गया. वहीं इस अवधि में चांदी का आयात 8.81 फीसदी घटकर 1.74 अरब डॉलर रहा.
सरकार ऐसे समय में कीमती धातुओं के आयात पर नजर बढ़ा रही है, जब रुपये पर भी दबाव बना हुआ है. ज्यादा आयात का मतलब डॉलर की ज्यादा मांग और विदेशी मुद्रा का ज्यादा इस्तेमाल भी हो सकता है.
क्या सोना महंगा हो जाएगा?
अगर IGST छूट खत्म होती है तो आयात करने वाले बैंकों और नामित एजेंसियों की लागत बढ़ सकती है. आगे चलकर इसका कुछ असर सप्लाई चेन और कीमतों पर पड़ सकता है. लेकिन ऐसा नहीं है कि सोने की कीमत 3 फीसदी ही बढ़ जाएगी.
सोने का भाव अंतरराष्ट्रीय कीमत, डॉलर-रुपया विनिमय दर, आयात शुल्क, घरेलू मांग और बाजार की स्थिति समेत कई चीजों से तय होता है. इसलिए अगर प्रस्ताव मंजूर भी होता है तो इसका असर बाजार में किस हद तक और कितनी जल्दी दिखाई देगा, इन सभी चीजों पर डिपेंड करेगा.
पहले भी बढ़ चुका है टैक्स?
सरकार पहले ही सोने और चांदी के आयात को कम करने के लिए कदम उठा चुकी है. मई 2026 में सोने और चांदी पर आयात शुल्क 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी किया गया था. वहीं प्लैटिनम पर इसे 6.4 फीसदी से बढ़ाकर 15.4 फीसदी किया गया.
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