
अगर बात केंद्र सरकार से जुड़े स्कूलों या शिक्षा विभाग की हो, तो केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली (CPGRAMS) एक ऑनलाइन मंच है, जो नागरिकों को चौबीसों घंटे अपनी शिकायत सार्वजनिक प्राधिकरणों तक पहुंचाने की सुविधा देता है और यह केंद्र व राज्य सरकार के सभी मंत्रालयों-विभागों से जुड़ा एक ही पोर्टल है. छात्र या अभिभावक pgportal.gov.in पर जाकर आसानी से अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं. यह पोर्टल मोबाइल ऐप और उमंग ऐप के जरिए भी उपलब्ध है, जिससे ग्रामीण इलाकों के छात्र भी आसानी से इसका इस्तेमाल कर सकते हैं.

उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में स्कूल की जर्जर हालत की शिकायत के लिए IGRS पोर्टल एक एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली है, जहां कोई भी नागरिक स्वतंत्र और सुविधाजनक तरीके से शिकायत दर्ज कर सकता है और उसकी स्थिति भी ट्रैक कर सकता है. इसके अलावा मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में 181 नंबर पर कॉल करके या सीएम हेल्पलाइन वेबसाइट पर जाकर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है.

बिहार सरकार ने छात्रों की समस्याओं के तुरंत समाधान के लिए एक खास पहल की है. 17 अगस्त को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने छात्र सहयोग पोर्टल का शुभारंभ किया, जिसके जरिए विद्यार्थी स्कूल, कॉलेज, हॉस्टल और पढ़ाई से जुड़ी समस्याओं की शिकायत ऑनलाइन प्रशासन तक पहुंचा सकते हैं. इस पोर्टल की खास बात यह है कि शिकायत दर्ज करने के लिए बस पोर्टल पर जाकर “New Complaint” वाले विकल्प का इस्तेमाल करना होता है.

जिन छात्रों को इंटरनेट या ऑनलाइन पोर्टल इस्तेमाल करने में दिक्कत होती है, उनके लिए फोन के जरिए शिकायत दर्ज कराने की सुविधा भी उपलब्ध है. अभिभावकों और छात्रों की सुविधा के लिए सरकार ने टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-1800-166 जारी किया है, जिस पर कॉल करके स्कूल भवन की खराब हालत, सुविधाओं की कमी या अन्य किसी भी समस्या की जानकारी दी जा सकती है.

राजधानी दिल्ली में Directorate of Education ने स्कूल भवन और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी समस्याओं के लिए एक अलग “स्कूल प्लांट” शिकायत प्रणाली बनाई है, जहां छात्र, शिक्षक या अभिभावक edudel.nic.in की वेबसाइट पर जाकर टूटी छत, खराब शौचालय, बिजली-पानी की कमी जैसी समस्याओं की शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

कुल मिलाकर देखा जाए तो छात्रों के पास अब स्कूल की जर्जर हालत की शिकायत दर्ज कराने के कई भरोसेमंद और आसान रास्ते मौजूद हैं चाहे वह केंद्र सरकार का CPGRAMS पोर्टल हो, राज्यों के IGRS और जनसुनवाई पोर्टल हों, टोल-फ्री हेल्पलाइन हो या बिहार जैसे राज्यों में शुरू हुए विशेष छात्र सहयोग पोर्टल. सबसे जरूरी बात यह है कि शिकायत दर्ज करते समय समस्या का पूरा विवरण, स्कूल का नाम और पता, तथा अगर संभव हो तो तस्वीरें भी साथ में जोड़ें, ताकि संबंधित अधिकारी को समस्या समझने और उस पर तेजी से कार्रवाई करने में आसानी हो.
Published at : 20 Aug 2026 09:18 AM (IST)