एशियन गेम्स 2026 में जब भारतीय खिलाड़ियों ने पदकों की बरसात की, तो हर राज्य ने अपने खिलाड़ियों को नकद इनाम का ऐलान किया. इस बार मामला सिर्फ पदकों का नहीं, बल्कि उस इनाम के ‘रंग’ का है, जो हर राज्य में अलग-अलग निकला. कोई राज्य ब्रॉन्ज पदक पर 75 लाख रुपए दे रहा है, तो कोई गोल्ड मेडल पर 35 लाख रुपए. यही वजह है कि एक ही टीम में खेलने वाले दो खिलाड़ियों को एक ही मेडल के लिए अलग-अलग रकम मिल रही है. इस पूरे मामले को दो हिस्सों यानी पदक और इनाम में समझते हैं…
ताजा मामला कर्नाटक का है, जहां दबाव के बाद सरकार ने इनामी राशि बढ़ा दी है.
As the Asian Games 2026 draw to a close, my compliments to every member of the Indian contingent for representing our nation with determination, passion and remarkable sporting spirit. Congratulations to all our medal winners, whose performances have brought immense joy to the nation. May these Games inspire even greater achievements in the years ahead. May they contribute to strengthening sports at the grassroots too.
— Narendra Modi (@narendramodi) October 4, 2026
हिस्सा- 1: किस राज्य के हिस्से में कितने पदक आए?
एशियन गेम्स 2026 में भारत ने कुल 85 पदक जीते. इसमें 21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज शामिल हैं. अगर राज्यों के हिसाब से देखें, तो हरियाणा ने सबसे ज्यादा पदक जीते.

हिस्सा- 2: किस राज्य ने अपने खिलाड़ी को कितनी रकम दी?
केंद्र सरकार की ओर से एशियन गेम्सों के व्यक्तिगत गोल्ड मेडल पर 30 लाख रुपए, सिल्वर पर 20 लाख रुपए और ब्रॉन्ज पर 10 लाख रुपए दिए जाते हैं, लेकिन असली फर्क राज्यों के इनाम में है.
- हरियाणा: गोल्ड मेडल पर 3 करोड़ रुपए, सिल्वर पर 1.5 करोड़ रुपए और ब्रॉन्ज पर 75 लाख रुपए दिए जाते हैं.
- उत्तर प्रदेश: गोल्ड पर 3 करोड़ रुपए, सिल्वर पर 1.5 करोड़ रुपए और ब्रॉन्ज पर 75 लाख रुपए का ऐलान किया गया है. UP के गुलवीर सिंह को एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों में कुल पांच पदकों के लिए 5 करोड़ रुपए मिलेंगे, जो राज्य के किसी भी खिलाड़ी के लिए सबसे बड़ी रकम है.
- पंजाब: गोल्ड पर 1 करोड़ रुपए, सिल्वर पर 75 लाख और ब्रॉन्ज पर 50 लाख मिलते हैं.
- हिमाचल प्रदेश: पदक विजेताओं के लिए कुल 5.33 करोड़ रुपए की घोषणा की है. मैराथन सिल्वर विजेता सावन बरवाल को 2.5 करोड़ और महिलाओं की 10,000 मीटर दौड़ में ब्रॉन्ज जीतने वाली सीमा कुमारी को 1.5 करोड़ मिलेंगे. कबड्डी की गोल्ड विजेता टीम की चार खिलाड़ियों को 33.33 लाख प्रत्येक मिलेंगे.
- तमिलनाडु: गोल्ड पर 75 लाख रुपए, सिल्वर पर 50 लाख और ब्रॉन्ज पर 30 लाख दिए जा रहे हैं.
- केरलम: गोल्ड पर 50 लाख, सिल्वर पर 30 लाख और ब्रॉन्ज पर 20 लाख का प्रावधान है.
- मणिपुर: गोल्ड पर 25 लाख, सिल्वर पर 20 लाख, ब्रॉन्ज पर 15 लाख और प्रतिभागियों को 5 लाख मिलेंगे.
- मिजोरम: महिला हॉकी टीम की गोल्ड विजेता लालरेमसियामी और लालथांतलुआंगी को 25-25 लाख देने का ऐलान किया है.
- ओडिशा: हॉकी टीम के गोल्ड विजेता खिलाड़ियों को 11 लाख रुपए प्रत्येक देने की घोषणा की है.
- पश्चिम बंगाल: गोल्ड पर 5 करोड़ रुपए, सिल्वर पर 4 करोड़ और ब्रॉन्ज पर 2 करोड़ देने का ऐलान किया गया है.
- गुजरात: निशानेबाज एलावेनिल वलारिवन को दो सिल्वर पदकों के लिए 1.33 करोड़ दिए हैं.
- महाराष्ट्र: गोल्ड पर 1 करोड़ रुपए, सिल्वर पर 75 लाख और ब्रॉन्ज पर 50 लाख दिए जाते हैं.
- राजस्थान: ओलंपिक गोल्ड पर 3 करोड़ रुपए, सिल्वर पर 2 करोड़ और ब्रॉन्ज पर 1 करोड़ देने का प्रावधान है.
- कर्नाटक: शुरुआत में यहां गोल्ड मेडल पर सिर्फ 35 लाख, सिल्वर पर 25 लाख और ब्रॉन्ज पर 15 लाख देने का प्रावधान था.
कर्नाटक में इसी मामले को लेकर एशियन गेम्सों की गोल्ड विजेता एथलीट एम.आर. पूवम्मा ने नाराजगी जताई. पूवम्मा ने कहा कि जब अन्य राज्य करोड़ों में इनाम दे रहे हैं, तो कर्नाटक में सिर्फ 35 लाख देना खिलाड़ियों के लिए नाकाफी है. पूवम्मा ने यह भी बताया कि जीत के बाद कर्नाटक सरकार की ओर से उन्हें कोई बधाई संदेश या कॉल तक नहीं आया.
6 अक्टूबर 2026 को कर्नाटक सरकार ने इनामी राशि में बड़ी बढ़ोतरी का ऐलान किया. अब गोल्ड मेडल पर 1 करोड़ रुपए, सिल्वर पर 75 लाख और ब्रॉन्ज पर 50 लाख मिलेंगे. साथ ही राज्य सरकार की नौकरियों में खिलाड़ियों के लिए 2 प्रतिशत आरक्षण भी दिया जाएगा.
कर्नाटक के 8 पदक विजेताओं को कुल 8 करोड़ रुपए की इनामी राशि मिलेगी. इनमें श्रेयंका पाटिल को क्रिकेट गोल्ड के लिए 1 करोड़, एम.आर. पूवम्मा को रिले में गोल्ड और सिल्वर के लिए 1.75 करोड़, तिलोत्तमा सेन को निशानेबाजी में सिल्वर के लिए 75 लाख, आयुष शेट्टी और स्नेहा एस.एस. को ब्रॉन्ज के लिए 50-50 लाख रुपए मिलेंगे.
लेकिन अलग-अलग राज्यों के इनाम में इतना फर्क क्यों?
एक्सपर्ट्स बताते हैं कि खेल राज्य का विषय है और हर राज्य की अपनी खेल नीति और बजट होता है. जिन राज्यों में खेलों को बढ़ावा देने के लिए ज्यादा बजट है, वे ज्यादा इनाम दे पाते हैं. हरियाणा और पंजाब जैसे राज्य खेलों में पारंपरिक रूप से मजबूत रहे हैं, इसलिए वहां इनाम भी ज्यादा है. वहीं, कुछ राज्यों में बजट की कमी के कारण इनाम कम रहता है. इसके अलावा, कुछ राज्यों में खेल विभाग का प्रशासनिक ढांचा और नीति का अमल भी अलग होता है, जिससे इनाम की राशि तय होती है.
ओलंपिक पदक विजेता विजेंदर सिंह ने इस असमानता पर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा कि एक ही टीम में खेलने वाली किरण पहल (हरियाणा) को 3 करोड़ रुपए मिल रहे हैं, जबकि पूवम्मा (कर्नाटक) को सिर्फ 35 लाख रुपए. विजेंदर ने कहा, ‘बहुत गलत बात है. सभी खिलाड़ियों को बराबर कैश प्राइज मिलना चाहिए.’ विजेंदर ने यह भी कहा कि इसके लिए कानून बनना चाहिए ताकि सभी खिलाड़ियों को एक समान इनाम मिले.