केंद्र सरकार ने नवंबर 2025 को 8वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी थी. जिसके बाद एक समिति गठित हुई है और वो अब तमाम राज्यों में बैठक कर कर्मचारियों की मांगों का जायजा ले रही है. इसी बीच देश के ही एक राज्य ने केंद्र की रिपोर्ट आने से पहले ही अपने राज्य में 8वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है. ये राज्य है असम, जहां पर अब कर्मचारियों की सैलरी 8वें वेतनमान के हिसाब से बढ़ेगी.
इस बात की घोषणा खुद राज्य के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने की है. असम देश का ऐसा पहला राज्य बन गया है जिसने केंद्र की 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट आने से पहले ही इसे अपने राज्य के कर्मचारियों के लिए भी मंजूरी दे दी है.
सीएम ने दी जानकारी
दरअसल असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अपने आधिकारिक X (पहले ट्वियर) अकाउंट के जरिए इस बारे में जानकारी दी है. उन्होंने 11 अक्तूबर को गुवाहाटी में हुए एक सरकारी कार्य्रम के दौरान का वीडियो शेयर किया है, इस वीडियो के साथ कैप्शन में उन्होंने लिखा, ‘असम देश का पहला राज्य बन जाएगा जो 8वां राज्य वेतन आयोग गठित करेगा. ये कदम कर्मचारियों के कल्याण और प्रगतिशील शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है.’
Assam will become the first state in the country to constitute the 8th State Pay Commission, marking a significant step towards employee welfare and progressive governance. #5YearsOfSewa https://t.co/3LHeyDqZtZ
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) January 1, 2026
तो वहीं शेयर किए गए इस वीडियो के जरिए उन्होंने बताया है कि राज्य के 8वें वेतन आयोग ने अपना काम शुरू कर दिया है. आयोग अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा. इसके बाद राज्य के सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में बदलाव किया जाएगा.
18 महीने का दिया है समय
असम ने इसी साल जनवरी में अपना 8वां राज्य वेतन आयोग बनाया था. इसके साथ ही वह ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य और केंद्र शासित प्रदेश बन गया. असम सरकार ने राज्य के पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव सुभाष दास को इस आयोग का अध्यक्ष बनाया है. रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के वेतन आयोग को अपनी सिफारिशें देने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है. आयोग सरकारी कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन, भत्तों और नौकरी से जुड़ी दूसरी शर्तों का रिव्यू करेगा.
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