‘सवाल पूछना जुर्म नहीं…’, CJP प्रोटेस्ट को हुमा कुरैशी का समर्थन, विजय वर्मा ने भी कसा तंज

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चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की वोट घोटाले के मामले में इस्तीफे की मांग की जा रही है. दिल्ली से लेकर देश के अलग-अलग जगहों पर सीजेपी प्रोटेस्ट कर रही है. उनका समर्थन लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं. दिल्ली और मुंबई पुलिस मामले में लगातार कार्रवाई कर रही है और पिछले दिनों ही 400-600 लोगों को हिरासत में ले लिया गया था. 

सीजेपी प्रोटेस्ट का सपोर्ट शबाना आजमी समेत नसीरुद्दीन शाह जैसे कई कलाकारों ने इसका समर्थन किया. इसी बीच हुमा कुरैशी और विजय वर्मा ने भी रिएक्शन दिया. दोनों ने भी इनका सपोर्ट किया. चलिए बतात हैं दोनों ने क्या कहा.

विजय वर्मा ने भी कसा तंज

एक्टर विजय वर्मा ने इंस्टाग्राम पर सीजेपी प्रोटेस्ट को लेकर तंज भी कसा है. उन्होंने व्यंगात्मक तरीके से ज्ञानेश कुमार ने पोस्ट में लिखा, ‘स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव का चेहरा.’ पोस्ट पर एक और लाइन थी, ‘निजी ज्ञान को बचाना है.’ इसी के साथ ही विजय वर्मा ने जोक में कैप्शन लिखा, ‘हमारे राष्ट्रीय नायक को बचाने के लिए सभी ताकतों को एक साथ आते देखकर खुशी हुई. उनकी हर कीमत पर रक्षा करें.’

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हुमा कुरैशी ने की प्रदर्शनकारियों की हिरासत की निंदा

इस बीच, सीजेपी प्रोटेस्ट के प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने के बाद हुमा कुरैशी ने एक लंबा बयान भी जारी किया. हुमा कुरैशी ने पोस्ट में लिखा, ‘हम दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र हैं. शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार और जवाबदेही की मांग बुनियादी लोकतांत्रिक अधिकार है. ना कि सत्ता में बैठे लोगों द्वारा दी गई कोई मेहरबानी.’

हुमा कुरैशी ने पोस्ट में आगे लिखा, ‘शांतिपूर्ण तरीके से असहमति जताना कोई अपराध नहीं है. सवाल पूछना कोई अपराध नहीं है. जवाबदेही की मांग करना कोई अपराध नहीं है. लोकतंत्र में नागरिकों को बिना किसी डर या उत्पीड़न के अपनी आवाज उठाने की आजादी होनी चाहिए. शांतिपूर्ण विरोध को दबाना उन मूल्यों को ही कमजोर करता है, जिन्हें बनाए रखने का हम दावा करते हैं.’

हुमा कुरैशी ने दी सफाई

इसके साथ ही हुमा कुरैशी ने अपने बयान को लेकर सफाई दी. उन्होंने कहा कि किसी राजनीतिक पार्टी या व्यक्ति का समर्थन नहीं था. वो सफाई देते हुए कहती हैं, ‘मैं साफ कर देना चाहती हूं. मैं किसी राजनीतिक पार्टी या व्यक्ति के साथ नहीं हूं. मैं उन नागरिकों के साथ हूं, जो जवाबदेही की मांग कर रहे हैं. शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के साथ हूं. हर उस भारतीय के साथ हूं, जो असहमति जताने के अपने लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल कर रहा है.’

मेरे पास छिपाने के लिए कुछ नहीं…

हुमा ने आगे कहा कि उन्हें पता था कि सबके सामने बोलने पर आलोचना या दूसरे नतीजे भुगतने पड़ सकते हैं. उन्होंने कहा, ‘इस देश के लिए मेरे प्यार की वजह से ही मैं चुप नहीं रह सकती. मुझे पता है कि बोलने पर मुझे गालियां सुननी पड़ सकती हैं, मुझ पर निजी हमले हो सकते हैं, मेरे पैसों के लेन-देन की जांच हो सकती है या करियर पर असर पड़ सकता है. तो ऐसा ही सही. मेरे पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है, माफी मांगने की कोई वजह नहीं है और अपनी देशभक्ति साबित करने की भी कोई जरूरत नहीं है.’

हुमा आगे अंत में लिखा, ‘देशभक्ति का मतलब आंख मूंदकर चुप नहीं रहना है, लोकतंत्र का मतलब आंख मूंदकर आज्ञा मानना नहीं है और असहमति देश-विरोधी नहीं होती. दुनिया देख रही है. हमें और बेहतर करना होगा. जय हिंद.’





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