दीपावली का त्यौहार आने से पहले ही रेलवे कर्मचारियों के लिए सौगात लेकर आया है. हाल ही में केंद्र सरकार की कैबिनेट बैठक में रेलवे कर्मचारियों के दिवाली बोनस को मंजूरी मिल गई है. जिससे इन कर्मचारियों के बीच खुशी की लहर दौड़ पड़ी है. सरकार ने करीब 11.40 लाख से भी ज्यादा नॉन गैजेटेड रेल कर्मचारियों को PLB के आधार पर ये बोनस देने की मंजूरी दी है.
अब इस मंजूरी के बाद किस कर्मचारी को कितने रुपये बोनस के रूप में मिलेंगे, इस पर भी नजर बनी हुई है. वैसे बोनस की गणना तय नियमों और निर्धारित वेतन सीमा के आधार पर की जाती है. जिसके चलते सभी कर्मचारियों को एक जैसा बोनस नहीं मिलता. आइये जानते हैं कितना बोनस इन कर्मचारियों को मिलेगा.
कितना मिलेगा कर्मचारियों को बोनस?
रेलवे कर्मचारियों के बोनस की गणना के लिए एक निर्धारित फॉर्मूला अपनाया जाता है. जिसके तहत पात्र कर्मचारियों के बोनस की अधिकतम सीमा 17,951 रुपये तय है. यानी इस फॉर्मूले के अनुसार किसी पात्र कर्मचारी को इससे ज्यादा बोनस नहीं दिया जा सकता. कर्मचारी की पात्रता और बोनस की गणना के नियमों के आधार पर मिलने वाली रकम कम भी हो सकती है.
क्या है सरकार का फैसला?
कैबिनेट की बैठक में मिली मंजूरी के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस फैसले के बारे में बताया है. उन्होंने बताया कि सरकार ने तीन बेहद महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं. जिसमें से एक फैसला ये है कि रेलवे के करीब 11.40 लाख कर्मचारियों को 78 दिन का बोनस दिया जाएगा.
ये बोनस दिन-रात मेहनत करने वाले रेलवे कर्मचारियों के लिए दिवाली का तोहफा होगा. जो त्यौहारों के दौरान भी अपने परिवारों से दूर पटरियों, ट्रेनों और वर्कशॉप में लगातार काम करते हैं. इस बोनस के लिए सरकार कुल करीब 2009 करोड़ रुपये खर्च करेगी.
किस आधार पर मिलेगा बोनस?
रेलवे में पात्र कर्मचारियों को उनके काम और रेलवे के प्रदर्शन से जुड़े प्रावधानों के तहत प्रोडक्टिविटी के आधार पर बोनस दिया जाता है. इसका उद्देश्य कर्मचारियों को प्रोत्साहित करना और बेहतर काम के प्रदर्शन को बढ़ावा देना है. इस बोनस का लाभ रेलवे के सभी कर्मचारियों को अपने आप नहीं मिलता, बल्कि इसके लिए निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करना जरूरी होता है.
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