सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) को नीट पीजी को लेकर एक नोटिस जारी किया गया है. इस नोटिस में नीट पीजी 2026 की आंसर की और उम्मीदवारों के उत्तरों को शेयर करने के तरीके को चुनौती दी गई है. याचिका में वास्तविक सवालों और सभी ऑप्शन उपलब्ध कराने की मांग की गई है, ताकि उम्मीदवार खुद अपने अंको की जांच कर सके. सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका डेमोक्रेटिक मेडिकल एसोसिएशन की ओर से दायर की गई थी. इस मामले की सुनवाई करने वाली बेंच में जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ शामिल थी, उन्होंने उन्होंने मामले को लेकर एनबीईएमएस को नोटिस जारी किया है.
याचिका में क्या की गई मांग?
सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में एनबीईएमएस को निर्देश देने की मांग की गई है कि वह हर उम्मीदवार को एक प्रश्न पत्र और आंसर-की प्रदान करें, जिसमें वास्तविक सवाल, उम्मीदवार के विशिष्ट क्रम में विकल्प दर्ज किए गए उत्तर और अंतिम आंसर की के अंतर्गत सही उत्तर और दिए गए अंक दर्शाए गए हो. इसमें इन अभिलेखों की प्रक्रिया उपलब्ध कराने और उम्मीदवारों को विशिष्ट सवालों पर आपत्ति उठाने की अनुमति देने वाली प्रक्रिया की भी मांग की गई है. याचिका में ऐसी आपत्तियों की जांच के लिए एक विषय विशेषज्ञ समिति गठित करने और जहां गलती पाई जाती है, वहां अंकों और रैंकिंग में सुधार करने का आह्वान भी किया गया है. भविष्य में होने वाली पीजी मेडिकल एडमिशन एंट्रेंस परीक्षा में परीक्षा रिकॉर्ड के पारदर्शिता प्रकटीकरण के लिए भी दिशा निर्देशों की मांग की है.
ये भी पढ़ें-हरियाणा में फूड सेफ्टी ऑफिसर के 45 पदों पर भर्ती, 19 अक्टूबर तक भरें फॉर्म
NBEMS ने कौन सी जानकारी कराई थी उपलब्ध?
दरअसल एनबीईएमएस ने 1 अक्टूबर को नोटिस के तहत उम्मीदवारों को उनके लॉगिन में सवालों के हिसाब से मूल्यांकन की जानकारी उपलब्ध कराई थी. जिसमें सही उत्तर का नंबर, प्रश्न की आईडी और उम्मीदवार के दर्ज जवाब के लिए मिले अंक शामिल थे. इसे लेकर ही संगठन ने आरोप लगाया था कि इस जानकारी में वास्तविक सवाल और सभी प्रश्नों, सभी ऑप्शन की पूरी डिटेल नहीं थी. संगठन ने आरोप लगाया था कि सारे उम्मीदवारों के लिए सवालों और ऑप्शन का क्रम बदला जा सकता है, ऐसे में एक नंबर के आधार पर उम्मीदवार अपने उत्तर का सही से मिलान नहीं कर पा रहे.
कब हुई थी नीट पीजी 2026 की परीक्षा?
नीट पीजी 2026 परीक्षा 30 अगस्त का आयोजित की गई थी, हालांकि कुछ केंद्रों पर तकनीकी समस्या के कारण प्रभावित हुए उम्मीदवारों की परीक्षा 5 सितंबर को फिर से कराई गई थी. वहीं परीक्षा का रिजल्ट 24 सितंबर को घोषित हुआ था. याचिका में तर्क दिया गया की काउंसलिंग और प्रवेश प्रक्रिया आगे बढ़ने से पहले उम्मीदवारों को अपने अंकों को वेरीफाई करने और सुधार के लिए एक सार्थक अवसर मिलना चाहिए.
ये भी पढ़ें-NCTE के नाम से वायरल हो रहा फेक नोटिस, जानें क्या है इसके पीछे की सच्चाई?
Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI