देश के सबसे बड़े निजी बैंकों में शामिल HDFC बैंक में इन दिनों अपने सीनियर नेतृत्व में बदलाव को लेकर सुर्खियों में है. बैंक के उप प्रबंध निदेशक कैजाद भरूचा करीब 31 साल तक सेवाएं देने के बाद पद छोड़ने जा रहे हैं. बैंक ने 17 अक्टूबर को बताया कि भरूचा ने 31 दिसंबर 2026 से अपनी सेवाएं समाप्त करने का अनुरोध किया है. हालांकि, उन्होंने पद छोड़ने का फैसला क्यों लिया है, इसकी आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है.
कैजाद भरूचा का जाना ऐसे समय में हो रहा है, जब बैंक में नेतृत्व को लेकर भी बदलाव हो रहा है. कुछ महीने पहले तक उन्हें बैंक के अगले MD और CEO पद के प्रमुख दावेदारों में गिना जा रहा था. ऐसे में आइए जानते हैं कि कैजाद भरूचा कौन हैं, बैंक में उनका सफर कैसा रहा और उनके जाने को क्यों अहम माना जा रहा है.
कौन हैं कैजाद भरूचा?
60 वर्षीय कैजाद भरूचा बैंकिंग सेक्टर का जाना-पहचाना नाम हैं. कैजाद भरूचा का बैंकिंग करियर 1986 में शुरू हुआ था. HDFC बैंक में आने से पहले उन्होंने 1986 से 1995 तक SBI कमर्शियल एंड इंटरनेशनल बैंक में काम किया था. इसके बाद अक्टूबर 1995 में वह HDFC बैंक से जुड़ गए थे और इतने लंबे समय में बैंक के कारोबार को आगे बढ़ाने में उनकी अहम भूमिका रही है.
उन्होंने मुंबई के सिडेनहैम कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स से कॉमर्स में ग्रेजुएशन किया है. करीब 39 साल से ज्यादा के बैंकिंग अनुभव के साथ उन्होंने HDFC बैंक के कई अहम कारोबारों की जिम्मेदारी संभाली है. वह 2014 में बैंक के बोर्ड में शामिल हुए थे और इसके सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले कार्यकारी बोर्ड सदस्यों में से एक हैं. अप्रैल 2023 में उन्हें उप प्रबंध निदेशक बनाया गया था.
HDFC बैंक में क्या रही उनकी भूमिका?
HDFC बैंक में अपने लंबे करियर के दौरान कैजाद भरूचा ने कई प्रमुख कारोबारों की देखरेख की है. उनके अनुभव का फायदा बैंक को कारोबार बढ़ाने और कर्ज से जुड़े जोखिमों को संभालने में मिला.
- कॉर्पोरेट बैंकिंग और उभरते कारोबारों की देखरेख.
- निवेश बैंकिंग और ग्रामीण बैंकिंग से जुड़े कामकाज की जिम्मेदारी.
- स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को दिए जाने वाले कर्ज और खुदरा ऋण कारोबार पर निगरानी.
- बैंक के क्रेडिट सिस्टम और जोखिम प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान.
- बैंक के अलग-अलग कारोबारों के बीच तालमेल बनाने और संचालन को बेहतर करने में भूमिका.
HDFC लिमिटेड के विलय में निभाई अहम भूमिका
कैजाद भरूचा के करियर का एक बड़ा पड़ाव साल 2023 में HDFC लिमिटेड का HDFC बैंक में विलय रहा. इस विलय के बाद दोनों संस्थाओं के कारोबार और कामकाज को एक साथ लाने में भरूचा ने काफी अहम भूमिका निभाई. उन्होंने इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण योगदान दिया और एकीकरण समिति की सह-अध्यक्षता भी की थी.
आखिर क्यों छोड़ रहे हैं पद?
HDFC बैंक की ओर से कैजाद भरूचा के पद छोड़ने की आधिकारिक वजह नहीं बताई गई है. हालांकि, बैंक ने इस पद के लिए अनुप बागची को चुना. अब कैजाद भरूचा के जाने से बैंक के नेतृत्व में एक और बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा.
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