AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जहां एक तरफ लोगों के काम को आसान बना रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ ये लोगों की नौकरी खा भी रहा है. कई आईटी कंपनियों में ये हाल नजर आने के बाद अब बैंकों का हाल भी बेहाल नजर आ रहा है. हाल ही में खबर सामने आई है कि ब्रिटिश के बड़े बैंक बार्कलेज से करीब 5 हजार स्टाफ की छंटनी की जा रही है.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, बार्कलेज इस साल अपने लगभग 5% कर्मचारियों की छंटनी करने का प्लान बना रहा है. इसके पीछे बैंक का मकसद है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करके फिक्स्ड कॉस्ट को कम किया जाए, जिससे कि रिटर्न में सुधार हो सके.
बैंक की तरफ से की गई घोषणा
रॉयटर्स के मुताबिक बैंक ने इसकी घोषणा भी कर दी है. जिसके अनुसार करीब 5000 नौकरियों की कटौती में से करीब 1000 पद पहले ही खत्म कर दिए गए हैं. जबकि बाकी लोगों की छंटनी साल 2026 के आखिर तक की जा सकती है. ये छंटनी ऐसे समय में हो रही है जब बार्कलेज ने तीसरी तिमाही में 2.3 अरब पाउंड (29,193.42 करोड़ रुपये) का मुनाफा कमाया है.
हालांकि ये मुनाफा पिछले साल की तुलना में तो काफी अच्छा है, लेकिन कई एक्स्पर्ट्स को उम्मीद थी कि मुनाफा और ज्यादा आ सकता था. बैंक के फिक्स्ड-इनकम ट्रेडिंग कारोबार का प्रदर्शन कमजोर रहा, जिसका असर इसके इन्वेस्टमेंट बैंक के नतीजों पर पड़ा है.
छंटनी पर क्या बोला बैंक?
बार्कलेज बैंक के सीईओ सीएस वेंकटकृष्णन ने इस छंटनी को लेकर बात की है. उन्होंने कहा कि, ‘मैं निराश हूं, और आप यकीन मानिए कि इस पर मेरा ध्यान जरूर जाएगा.’ उन्होंने ये बात फिक्स्ड-इनकम ट्रेडिंग के खराब प्रदर्शन को लेकर कही है. जो पारंपरिक रूप से बैंक की ताकतों में से एक रहा है.
बता दें कि इस खबर के साथ ही बार्कलेज बैंक के शेयर्स में भी गिरावट दर्ज की गई है. इसके शेयर्स इस साल 14 प्रतिशत गिर गए हैं, जबकि इससे पहले कई सालों से इसमें तेजी ही देखी गई है. ऊंची ब्याज दरों की वजह से कंपनी का मुनाफा भी बढ़ा था.
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