भारत में सरकारी नौकरी हमेशा से ही युवाओं की पहली पसंद और सबसे अट्रैक्टिव ऑप्शन में रही है. नौकरी की सुरक्षा, बेहतर भविष्य और सरकारी लाभों के कारण हर साल लाखों उम्मीदवार सरकारी नौकरी की तैयारी करते हैं. हाल ही में जारी DataForIndia.Com 2025 के राज्यवार आंकड़ों के विश्लेषण से एक दिलचस्प तस्वीर सामने आई है.
देश के अलग-अलग हिस्सों में रोजगार का ढांचा काफी अलग है. इस रिपोर्ट में जहां नॉर्थ ईस्ट के राज्यों और जम्मू कश्मीर में रोजगार का मुख्य आधार सरकारी नौकरियां बनी हुई है, वहीं उत्तर भारत और मध्य भारत के बड़े राज्यों में इसका अनुपात काफी कम है.
नॉर्थ ईस्ट और J&K में सरकारी नौकरियों का दबदबा
2025 में वर्कफोर्स में सरकारी नौकरियों की हिस्सेदारी के राज्यवार आंकड़ों में दिखाई देता है कि टॉप राज्यों में तीन में से एक से ज्यादा वर्कफोर्स लोकल, स्टेट या सेंट्रल गवर्नमेंट बॉडीज में काम कर रहे हैं. वहीं इस रिपोर्ट के अनुसार, नॉर्थ ईस्ट राज्यों में प्राइवेट सेक्टर सीमित होने के कारण यहां सरकारी नौकरियों पर निर्भरता सबसे ज्यादा है. पूर्वोत्तर के टॉप राज्यों में सरकारी नौकरियों की हिस्सेदारी 39.3 प्रतिशत तक है, वहीं मिजोरम और दूसरे राज्यों में यह आंकड़ा 37.1 फीसदी दर्ज किया गया है. केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में वर्कफोर्स का 30.7 प्रतिशत हिस्सा सरकारी नौकरी में कार्यरत हैं. पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में 24.9 प्रतिशत वर्कफोर्स सरकारी क्षेत्र में सेवाएं दे रहा है.
देश के राज्यों में सरकारी नौकरियों की हिस्सेदारी
राज्य-केंद्र शासित प्रदेश 2025 में सरकारी नौकरियों में हिस्सेदारी
नॉर्थ ईस्ट राज्य 39.3%
मिजोरम 37-1%
जम्मू कश्मीर 30.7%
हिमाचल प्रदेश 24.9%
आंध्र प्रदेश 14.8%
तमिलनाडु 14.5%
छत्तीसगढ़ 14.4%
राजस्थान 11.6%
ओडिशा 10.4%
मध्य प्रदेश 10.3%
कर्नाटक 9.7%
महाराष्ट्र 9.5%
गुजरात 8.1%
उत्तर प्रदेश 7.1%
बिहार 6.9%
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दक्षिण, उत्तर और मध्य भारत की स्थिति
इस रिपोर्ट के अनुसार, बेहतर शिक्षा स्तर और मजबूत अर्थव्यवस्था वाले दक्षिणी राज्यों में सरकारी नौकरियों का हिस्सा संतुलित दिखाई देता है. 2025 के आंकड़ों के अनुसार आंध्र प्रदेश में 14.8 प्रतिशत, तमिलनाडु में 14.5 प्रतिशत और कर्नाटक में 9.7 प्रतिशत कार्य बल सरकारी नौकरी से जुड़ा है. वहीं आबादी के लिहाज से बड़े और हिंदी भाषा राज्यों में कुल वर्कफोर्स के मुकाबले सरकारी नौकरियों की हिस्सेदारी सबसे कम दर्ज की गई है. बिहार में यह आंकड़ा 6.9 प्रतिशत और उत्तर प्रदेश में केवल 7.1 प्रतिशत है. मध्य प्रदेश में 10.3 प्रतिशत और राजस्थान में 11.6 प्रतिशत आबादी ही सरकारी क्षेत्र में कार्यरत हैं.
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