सोशल मीडिया पर आपने पैसों से जुड़ी कई कहानियां सुनी होंगी, लेकिन मुंबई के एक शख्स का फैसला आपको हैरान कर सकता है. इस शख्स ने दादर में अपना 2 करोड़ रुपये का फ्लैट बेच दिया और उससे मिली रकम को फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश कर दिया. पहले वह फ्लैट किराए पर देकर हर महीने 45,000 रुपये कमाते थे, लेकिन अब बैंक में पैसा जमा करके नियमित ब्याज हासिल कर रहे हैं. इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई है कि किराए से कमाई करना बेहतर है या FD से ब्याज लेना.
दरअसल, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अंकित पांडे की एक पोस्ट के मुताबिक, उनके एक रिश्तेदार पहले दादर स्थित फ्लैट को किराये पर देकर हर महीने 45,000 रुपये कमाते थे. बाद में उन्होंने फ्लैट बेच दिया और उससे मिली रकम को 6.5% सालाना ब्याज दर वाली FD में लगा दिया. इसके बाद वह बोरीवली में रहने चले गए.
कैसे हर महीने हो रही है कमाई?
इस ब्याज दर के हिसाब से अगर कोई व्यक्ति 2 करोड़ रुपये की रकम को 6.5% सालाना ब्याज दर पर FD में निवेश करता है, तो उसे एक साल में करीब 13 लाख रुपये ब्याज मिल सकता है.
- कुल निवेश: 2 करोड़ रुपए
- सालाना ब्याज दर: 6.5%
- एक साल में ब्याज: 13 लाख रुपए
- हर महीने के हिसाब से औसत ब्याज: करीब 1.08 लाख रुपए
क्या FD में पैसा लगाना प्रॉपर्टी खरीदने से ज्यादा फायदेमंद है?
- FD से अनुमानित ब्याज: बैंक की तय ब्याज दर के आधार पर कमाई का अनुमान लगाया जा सकता है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर परिस्थिति में FD ही सबसे बेहतर ऑप्शन है. क्योंकि ब्याज पर टैक्स लगता है और मैच्योरिटी के बाद नई FD पर ब्याज दर कम भी हो सकती है.
- प्रॉपर्टी से किराया: फ्लैट को किराये पर देकर नियमित आमदनी की जा सकती है, लेकिन किरायेदार न मिलने पर कमाई रुक सकती है.
- प्रॉपर्टी की कीमत बढ़ने का फायदा: समय के साथ मकान की कीमत बढ़ सकती है. इससे फ्यूचर में उसे बेचने पर फायदा मिलने की उम्मीद रहती है.
- अतिरिक्त खर्च: प्रॉपर्टी पर मेंटेनेंस, प्रॉपर्टी टैक्स और मरम्मत जैसे खर्च होते हैं, जो वास्तविक कमाई को कम कर सकते हैं.
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