केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनभोगी इस समय 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का बड़ी ही बेसब्री के साथ इंतजार कर रहे हैं. इस समय जो सबसे ज्यादा बड़ा चर्चा का विषय है वो है फिटमेंट फैक्टर. क्योंकि इसी से कर्मचारियों की सैलरी तय होती है. ऐसे में आइये समझते हैं फिटमेंट फैक्टर का गणित क्या कहता है.
हालांकि फिलहाल 8वें वेतन आयोग का फिटमेंट फैक्टर तय नहीं हुआ है. चर्चा के मुताबिक 1.83, 2.00, 2.57, 3.83 और 4.00 जैसे आंकड़ों को लेकर चर्चा चल रही है. तो आइये जानते हैं कि कितने फिटमेंट फैक्टर पर कितनी सैलरी बढ़ेगी.
अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर में कितनी होगी बेसिक सैलरी?
अलग- अलग फिटमेंट फैक्टर के आधार पर अलग- अलग सैलरी बढ़ती है. तो आइये समझते हैं इसका गणित और जानते हैं कि 7वें वेतन आयोग की मौजूदा बेसिक सैलरी के आधार पर 8वें वेतन आयोग की बेसिक सैलरी में संभावित किकितनी बढ़ोतरी हो सकती है.
| पे लेवल | अभी की बेसिक सैलरी | फैक्टर 1.83 | फैक्टर 2.00 | फैक्टर 2.57 | फैक्टर 3.83 | फैक्टर 4.00 |
| लेवल 1 | 18,000 रुपये | 32,940 रुपये | 36,000 रुपये | 46,260 रुपये | 68,940 रुपये | 72,000 रुपये |
| लेवल 2 | 19,900 रुपये | 36,417 रुपये | 39,800 रुपये | 51,143 रुपये | 76,217 रुपये | 79,600 रुपये |
| लेवल 3 | 21,700 रुपये | 39,711 रुपये | 43,400 रुपये | 55,769 रुपये | 83,111 रुपये | 86,800 रुपये |
| लेवल 4 | 25,500 रुपये | 46,665 रुपये | 51,000 रुपये | 65,535 रुपये | 97,665 रुपये | 1,02,000 रुपये |
| लेवल 5 | 29,200 रुपये | 53,436 रुपये | 58,400 रुपये | 75,044 रुपये | 1,11,836 रुपये | 1,16,800 रुपये |
| लेवल 6 | 35,400 रुपये | 64,782 रुपये | 70,800 रुपये | 90,978 रुपये | 1,35,582 रुपये | 1,41,600 रुपये |
| लेवल 7 | 44,900 रुपये | 82,167 रुपये | 89,800 रुपये | 1,15,393 रुपये | 1,71,967 रुपये | 1,79,600 रुपये |
कौन सा फिटमेंट फैक्टर मिलने की है संभावना?
वैसे तो किसी भी बैठक में फिलहाल फिटमेंट फैक्टर तय नहीं किया गया है. लेकिन अलग-अलग कर्मचारी संगठनों ने इसकी अलग- अलग मांग की है. तो वहीं कई विशेषज्ञों का अनुमान भी अलग अलग है. कई कर्मचारी और पेंशनभोगी संगठनों की ओर से 3.83 से 4.00 फिटमेंट फैक्टर की मांग की गई है.
कब आएगी रिपोर्ट?
बता दें कि 8वें वेतन आयोग को अपनी रिपोर्ट देने के लिए नवंबर 2025 में गठन के बाद 18 महीने का समय दिया गया है. इसके अनुसार रिपोर्ट की समय-सीमा मई 2027 तक है. रिपोर्ट आने के बाद भी सिफारिशों को लागू करने में समय लग सकता है.
ये भी पढ़ें: Swiggy का बड़ा तोहफा, 25 लाख डिलीवरी बॉय को देगी 10 लाख का बीमा