आपने ये गाना तो सना ही होगी, ‘जाते थे जापान पहुंच गए चीन’. ऐसा रियल लाइफ में भी किसी के साथ हो गया है. बस देश अलग हैं, लेकिन मामला ऐसा ही है. दरअसल हाल ही में कनाडा से बेंगलुरु जा रही एक महिला की फ्लाइट का रूट बदल गया और वो सीधे लंदन एयरपोर्ट जा पहुंची. जहां उसे बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा.
दरअसल महिला के पास ब्रिटेन का वीजा नहीं था. इसके बावजूद उसे लंदन पहुंचना पड़ा, जहां ब्रिटिश एयरवेज ने उसे बेंगलुरु जाने वाली अगली फ्लाइट में चढ़ने के लिए बोर्डिंग पास नहीं दिया. अब बेंगलुरु की कंज्यूमर कोर्ट ने एयरलाइन को करीब 1.66 लाख रुपये देने का आदेश दिया है.
क्या है पूरा मामला?
ये मामला कनाडा में पीएचडी की पढ़ाई कर रही भद्रप्रिया शिवकुमार का है. वो कनाडा के सास्काटून शहर से बेंगलुरु होते हुए अपनी यात्रा की प्लानिंग बनाकर चल रही थीं. भद्रप्रिया ने 17 जनवरी 2024 को EaseMyTrip के जरिए आने-जाने का हवाई टिकट बुक कराया था. इस टिकट की कीमत 1,38,945 रुपये थी. उनकी जर्नी 1 अगस्त 2024 को शुरू होनी थी.
लेकिन उस दिन सास्काटून से टोरंटो जाने वाली उनकी वेस्टजेट एयरलाइन की फ्लाइट रद्द हो गई. इसके बाद एयरलाइन ने उनके लिए कैलगरी और लंदन के रास्ते बेंगलुरु पहुंचने की वैकल्पिक व्यवस्था की. इस बदलाव के कारण भद्रप्रिया को लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट पहुंचना पड़ा.
लंदन एयरपोर्ट पर परेशान हुई महिला
लंदन पहुंचने के बाद भद्रप्रिया को बेंगलुरु जाने वाली ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट पकड़नी थी. लेकिन एयरलाइन ने बुकिंग से जुड़ी समस्या का हवाला देते हुए उन्हें बोर्डिंग पास देने से इनकार कर दिया. भद्रप्रिया के अनुसार, वो फ्लाइट के उड़ान भरने से करीब 2 घंटे 45 मिनट पहले एयरपोर्ट पहुंच गई थीं. इसके बावजूद वो भारत जाने वाली फ्लाइट में नहीं बैठ सकीं.
सबसे बड़ी परेशानी ये थी कि उनके पास ब्रिटेन का वीजा नहीं था. ऐसे में लंदन में फंसने के बाद उन्हें अपने सामान और आगे की यात्रा की व्यवस्था करने में भी मुश्किल हुई. उन्होंने खाने-पीने और ठहरने की समस्या का भी सामना किया. आखिरकार, उन्हें कनाडा में रहने वाली अपनी रूममेट से आर्थिक मदद मांगनी पड़ी.
इसके बाद उन्होंने एतिहाद एयरवेज की फ्लाइट से 4 अगस्त 2024 को बेंगलुरु पहुंचने के लिए नया टिकट खरीदा. इस टिकट के लिए उन्हें 1,65,926 रुपये खर्च करने पड़े. कनाडा वापस जाने के लिए भी उन्हें अलग से टिकट बुक करना पड़ा.
एयरलाइंस ने पेश की सफाई
ब्रिटिश एयरवेज का कहना था कि महिला ने टोरंटो से लंदन जाने वाली उसकी फ्लाइट के लिए समय पर चेक-इन नहीं किया था. इसी वजह से उन्हें फ्लाइट में नहीं पहुंचने वाला यात्री यानी ‘नो-शो’ मान लिया गया और आगे की बुकिंग रद्द कर दी गई. हालांकि कंज्यूमर कोर्ट ने पाया कि एयरलाइन अपने इस दावे के समर्थन में जरूरी दस्तावेज पेश नहीं कर सकी.
कंज्यूमर कोर्ट का फैसला
आयोग ने माना कि ब्रिटिश एयरवेज ने महिला को उचित सहायता नहीं दी और उसकी सेवा में कमी रही. आयोग ने एयरलाइन को महिला को हुए नुकसान की भरपाई करने का आदेश दिया. जिसके अनुसार ब्रिटिश एयरवेज को मूल हवाई टिकट की रकम 1,38,945 रुपये, महिला को हुई परेशानी के लिए 25000 और कानूनी कार्रवाई के लिए 2000 रुपये देना पड़े.
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