रिटायरमेंट के बाद नियमित आमदनी बनाए रखना बुजुर्गों के लिए सबसे बड़ी वित्तीय जरूरतों में से एक होता है. ऐसे में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) निवेश का एक लोकप्रिय विकल्प बना हुआ है, क्योंकि इसमें पहले से तय ब्याज मिलता है.
अक्टूबर 2026 में कुछ बैंक वरिष्ठ नागरिकों को एफडी पर 8.6 फीसदी तक ब्याज देने की पेशकश कर रहे हैं. हालांकि, ज्यादा ब्याज के साथ बैंक की सुरक्षा, निवेश की अवधि और पैसे निकालने की शर्तों को समझना भी जरूरी है.
प्राइवेट बैंकों में किसका ऑफर सबसे बेहतर?
प्राइवेट सेक्टर बैंकों की बात करें तो DCB बैंक वरिष्ठ नागरिकों को 60 से 61 महीने की एफडी पर 8 फीसदी तक ब्याज दे रहा है. बंधन बैंक में 2 साल से 3 साल से कम अवधि की जमा पर 7.95 फीसदी ब्याज मिल रहा है. वहीं SBM बैंक इंडिया अधिकतम 7.8 फीसदी ब्याज दे रहा है. इंडसइंड बैंक और YES बैंक में भी चुनिंदा अवधियों पर 7.75 फीसदी तक ब्याज उपलब्ध है.
छोटे फाइनेंस बैंक दे रहे हैं सबसे ज्यादा ब्याज
28 अक्टूबर 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, वरिष्ठ नागरिकों के लिए सबसे ज्यादा एफडी ब्याज देने वाले बैंकों में स्मॉल फाइनेंस बैंक आगे हैं. इस सूची में उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक पहले स्थान पर है, जहां 3 साल 1 दिन से लेकर 3 साल 6 महीने की अवधि वाली एफडी पर अधिकतम 8.6 फीसदी सालाना ब्याज मिल रहा है.
इसके अलावा इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक और ESAF स्मॉल फाइनेंस बैंक अधिकतम 8.5 फीसदी ब्याज दे रहे हैं. इक्विटास में यह दर 3 साल 1 दिन की अवधि पर, जबकि ESAF में 26 महीने 8 दिन की अवधि पर उपलब्ध है. सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक भी 5 साल की एफडी पर 8.5 फीसदी ब्याज दे रहा है. वहीं जना स्मॉल फाइनेंस बैंक में 3 साल की जमा पर अधिकतम 8.3 फीसदी ब्याज मिल रहा है.
FD कराने से पहले समझ लें सुरक्षा का नियम
ज्यादा ब्याज मिलने का मतलब यह नहीं है कि बिना जांच किए किसी भी बैंक में अपनी पूरी जमा पूंजी निवेश कर दी जाए. डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) के नियमों के मुताबिक, बैंक में जमा कुल पात्र राशि पर अधिकतम 5 लाख रुपये तक का बीमा कवर मिलता है. इसमें मूलधन और ब्याज दोनों शामिल होते हैं. एक ही बैंक की अलग-अलग शाखाओं में जमा रकम को जोड़कर यह सीमा तय की जाती है. अलग-अलग बैंकों में जमा राशि के लिए बीमा कवर अलग-अलग लागू होता है.
निवेश से पहले इन बातों पर दें ध्यान
वरिष्ठ नागरिकों को एफडी चुनते समय केवल ब्याज दर देखकर फैसला नहीं करना चाहिए. सबसे पहले यह देखना जरूरी है कि पैसा कितने समय के लिए जमा करना होगा और जरूरत पड़ने पर समय से पहले निकालने पर कितना जुर्माना लगेगा. इसके अलावा मासिक, तिमाही या मैच्योरिटी पर ब्याज लेने के विकल्पों की भी तुलना करनी चाहिए.
खासकर रिटायरमेंट के बाद जिन लोगों का खर्च एफडी से मिलने वाले ब्याज पर निर्भर है, उनके लिए सही अवधि और नियमित भुगतान का विकल्प चुनना महत्वपूर्ण है. बैंक समय-समय पर ब्याज दरों में बदलाव भी कर सकते हैं. इसलिए निवेश करने से पहले संबंधित बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर नई दरों और शर्तों की पुष्टि जरूर करें.
सरकारी बैंकों में कितना मिल रहा है ब्याज?
सरकारी बैंकों में भी वरिष्ठ नागरिकों के लिए एफडी के अच्छे विकल्प मौजूद हैं. उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, बैंक ऑफ इंडिया सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में सबसे आगे है और वरिष्ठ नागरिकों को चुनिंदा अवधि की एफडी पर अधिकतम 7.45 फीसदी सालाना ब्याज दे रहा है. हालांकि, स्मॉल फाइनेंस बैंकों की तुलना में यह दर कम है.
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