भारत को टी20 सीरीज में न्यूजीलैंड पर 3-2 से जीत मिली है. पहले तीनों मुकाबले जीतने के बाद श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टीम इंडिया आखिरी दोनों मैच हार गई. रविवार को खेले गए आखिरी मैच में तो न्यूजीलैंड ने बेहद आसानी से 18 ओवरों में 192 रन चेज कर डाले. खासतौर पर बल्लेबाजी में टीम इंडिया निरंतर अच्छा करने में नाकामयाब रही.
खैर भारत आखिरी दोनों मैच हार गया, लेकिन उसने पिछले 7 साल से चले आ रहे सिलसिले को कायम रखा. दरअसल न्यूजीलैंड ने आखिरी बार 2019 में भारत के खिलाफ कोई टी20 सीरीज जीती थी. मगर सीरीज जीतने के बावजूद भारतीय टीम की कुछ सबसे बड़ी खामियां उजागर हुई हैं.
1. टॉप ऑर्डर फेल, मतलब पूरी टीम फेल
यह सिर्फ संयोग नहीं है, बल्कि फैक्ट है. अगर ओपनिंग बल्लेबाज जल्दी आउट हो जाएं, तो टीम इंडिया की हार की संभावनाएं बहुत बढ़ जाती हैं. पहले मुकाबले में सैमसन ने 67, दूसरे मैच में ओपनिंग बल्लेबाजों ने कोई बड़ा स्कोर नहीं किया लेकिन सैमसन और अभिषेक ने मिलकर टीम को सधी हुई शुरुआत दिलाई थी. वहीं तीसरे मुकाबले में अभिषेक ने 113 रन जड़ दिए. इन तीनों मुकाबलों में भारत जीता.
चौथे और पांचवें मुकाबले में अभिषेक और सैमसन, दोनों में से कोई नहीं चला. तिलक वर्मा, श्रेयस अय्यर इस बल्लेबाजी लाइन-अप की रीढ़ माने जाते हैं. मगर वे बुरी तरह फ्लॉप हो गए और टीम आखिरी दोनों मैच हार गई.
2. गेंदबाजी में अनुभवहीनता
बेशक भुवनेश्वर कुमार के पास 200 से ज्यादा इंटरनेशनल मैचों का अनुभव है. उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज के 4 मैचों में 180 रन लुटा दिए और सिर्फ एक विकेट लिया. मगर 4 साल के बाद लंबे गैप के बाद अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में अचानक भुवनेश्वर से किसी चमत्कार की उम्मीद करना सही नहीं, फिर चाहे उन्हें कितना ही अनुभव क्यों ना हो.
दूसरे छोर पर अर्शदीप सिंह गेंदबाजी अटैक को लीड कर रहे थे, वह सीरीज में 6 विकेट लेकर भारत के सबसे सफल गेंदबाज भी रहे. मगर बाकी गेंदबाजों की अनुभवहीनता टीम पर भारी पड़ी. मयंक यादव ने 2 मैच खेलकर 4 विकेट तो लिए, लेकिन जब जरूरत थी तब रनों पर लगाम कसने में नाकाम दिखे और उनकी जबरदस्त धुनाई भी हुई. प्रिंस यादव का भी कुछ ऐसा ही हाल रहा, जिन्होंने 4 मैचों में 158 रन लुटा दिए.
3. फ्लैट पिचों पर भी नहीं बन रहे रन
भारत-न्यूजीलैंड टी20 सीरीज के लगभग सभी 5 मैचों में एकदम सपाट पिच देखने को मिली. इसलिए प्रत्येक मैच में 200 रन बनने की उम्मीद करना कोई गलत बात नहीं थी. चौथे टी20 में जब 260 रनों का लक्ष्य चेज करने की बारी आई तो बल्लेबाजी लाइन-अप बुरी तरह ढह गया. टॉप ऑर्डर बल्लेबाज फेल क्या हुए, पूरी टीम महज 172 रन ही बना पाई, जबकि इसी मैच में न्यूजीलैंड ने 259 रन बनाए थे.
पांचवें टी20 में एक समय टीम इंडिया 220-230 रन बनाने की ओर अग्रसर थी. पहले 10 ओवर में 111 रन बन चुके थे, लेकिन अंतिम 10 ओवरों में सिर्फ 80 रन आए. फ्लैट पिच होते हुए भी भारत का मिडिल ऑर्डर धराशाई हो गया और टीम जहां 230 के सपने देख रही थी, सिर्फ 191 रन बन पाए.
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